
स्वस्थ जीवन के लिए आयुर्वेद को अपनाना अनिवार्य होगा
बेंगलूरु. स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री शिवानंद पाटिल ने कहा कि आयुर्वेद हमारे लिए सनातन काल का उपहार है जिसे हमें आज नहीं तो कल अपनाना ही होगा।
वे सोमवार को यहां सरकारी आयुर्वेद महाविद्यालय में आयोजित तीसरे अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर विशेष डाक लिफाफा जारी करने के बाद बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को पुनजीॢवत करने में कर्नाटक आयुर्वेद महाविद्यालय का बड़ा योगदान रहा है और हमें 1200 साल पुरानी इस चिकित्सा पद्धति को और अधिक महत्व दिलाने का काम करना होगा।
उन्होंने मंत्री बनने के बाद आयुष विभाग में आयुक्त की नियुक्ति की है और इस विभाग में अनेक विकास कार्य हुए हैं। गांधीनगर के विधायक व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडुराव ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
उन्होंने कहा कि इस कॉलेज में बुनियादी सुविधाओं के अभाव की उन्हें जानकारी मिली है। कॉलेज को तमाम बुनियादी सुविधाएं सुलभ करवाई जाएंगी।
कार्यक्रम में बेंगलूरु के महा डाकपाल कर्नल अरविंद वर्मा, कालेज की प्राचार्य डा. एस. अहिल्या, आयुष विभाग की आयुक्त मीनाक्षी नेगी ने भी भाग लिया।
Updated on:
7 Nov 2018, 2:55 PM IST
Published on:
7 Nov 2018, 2:55 PM IST
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