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बीडीए कॉम्प्लेक्स ध्वस्त करने के प्रस्ताव का विरोध

प्रदर्शनकारियों ने कहा, हम नहीं चाहते हैं कि यह इमारत ध्वस्त हो बल्कि इसका नवीनीकरण होना चाहिए
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बीडीए कॉम्प्लेक्स ध्वस्त करने के प्रस्ताव का विरोध

बेंगलूरु. कई सरकारी कार्यालयों और दुकानों के लिए स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय इंदिरा नगर स्थित बेंगलूरु विकास प्राधिकरण (बीडीए) कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त करने की प्रस्तावित योजना के खिलाफ शनिवार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस बीडीए कॉम्प्लेक्स में 165 किराएदार हैं और लोकसेवाओं से जुड़े कई कार्यालय हैं।

यूनाइटेड बेंगलूरु के बैनर तले इंदिरानगर के निवासियों ने शाम में विरोध प्रदर्शन किया। इस बैनर के तले पूर्व में बेंगलूरु की झीलों को बचाने और आइचेंज इंदिरा नगर का प्रदर्शन हो चुका है। प्रदर्शनकारियों ने बीडीए कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त करने की योजना का विरोध करते हुए कहा कि अगर इसे ध्वस्त किया जाता है तो इससे एक पर्यावरण हितैषी परिसर इस क्षेत्र में समाप्त हो जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा, हम नहीं चाहते हैं कि यह इमारत ध्वस्त हो बल्कि इसका नवीनीकरण होना चाहिए और नियमित रूप से बेहतर रख रखाव सुनिश्चित किया जाए। हमारे विरोध के बाद भी अगर इसे ध्वस्त किया जाता है तो इस जगह पर कोई दूसरा निर्माण न हो बल्कि यहां पेड़ पार्क विकसित किया जाए।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बीडीए की योजना है कि मौजूदा इमारत को ध्वस्त करके एक नया शॅपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जाए लेकिन उससे 171 पेड़ों को काटा जाएगा जो राष्ट्रीय हरित न्यायाधिरण (एनजीटी) के निर्देशों का उल्लंघन होगा क्योंकि यह निर्माण यहां स्थित दो झीलों से मात्र 75 मीटर और 50 मीटर की दूरी पर होगा। बीडीए की योजना है कि नई इमारत में 1000 कारों की पार्किंग की सुविधा हो।

657 करोड़ रुपए में पुनर्निर्माण की योजना
इसी वर्ष जनवरी में आईखबरों से ऐसा संकेत मिला था कि बीडीए मौजूदा इमारत को ध्वस्त कर वहां एक दो ब्लॉक वाले मार्केट का निर्माण करेगा जिसकी लागत 657 करोड़ रुपए आएगी। इस लागत में मौजूदा किराएदारों का पुनर्वास करना भी शामिल था। मौजूदा बीडीए कॉम्प्लेक्स मात्र 32 वर्ष पुराना है और स्थानीय लोगों का मानना है कि इसे ध्वस्त करने की जरूरत नहीं है। यह एक सार्वजनिक संपत्ति है और नागरिकों की सेवा के लिए है। ऐसे में बीडीए को ऐसा कोई भी निर्णय लेने से पूर्व नागरिको से सुझाव लेना चाहिए। लोगों का कहना है कि बीडीए की नई योजना से यहां वाणिज्यिक गतिविधियां बढेंगी जो स्थानीय लोग नहीं चाहते हैं। इंदिरा नगर को आवासीय क्षेत्र के रूप में ही रखना चाहिए न कि यहां व्यवसायिक गतिविधियों को बढावा देने की पहल हो।


विरोध को भाजपा सांसदों का समर्थन
प्रदर्शन में भाजपा विधायक रघु और संसद सदस्य पीसी मोहन तथा राजीव चंद्रशेखर भी शामिल हुए। तीनों नेताओं ने कहा कि वे सोमवार को इस मुद्दे पर बीडीए से सम्पर्क करेंगे। उन्होंने कहा कि बीडीए किसी भी सूरत में एनजीटी के नियमों का उल्लंघन नहीं कर सकता है। अगर बीडीए या कोई निजी ठेकेदार ऐसा करता है वे कानून का उल्लंघन करने का जोखिम लेंगे। हम इसकी अनुमति नहीं देंगे और इस विरोध को तार्किक निष्कर्ष पर ले जाएंगे।

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