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मलनाडु तथा तटीय इलाके में बारिश का कहर

कावेरी के बांधों से 1.10 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा: मेंगलूरु-बेंगलूरु के बीच संपर्क टूटा
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मलनाडु तथा तटीय इलाके में बारिश का कहर

बेंगलूरु. तटीय कर्नाटक तथा मलनाडु क्षेत्र में भारी बारिश के चलते बेंगलूरु-मेंगलूरु राजमार्ग पर ऐहतियात बरतते हुए यातायात रोक दिया गया है। कावेरी जलबहाव क्षेत्र के कोडग़ु तथा मैसूरु जिलों में फिर एक बार बारिश ने दस्तक दी है। जिस कारण बांधों में पानी का अंतर्वाह तेजी से बढ़ रहा है। कबिनी, हारंगी, हेमावती तथा कृष्णराज सागर (केआरएस) बांध लबालब होने से बड़े पैमाने पर पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने बांधों के निचले क्षेत्र में रहनेवालों को मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित होने के निर्देश दिए हैं। केआरएस बांध से 40 हजार क्यूसेक तथा कबिनी बांधों से 70 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

लघु सिंचाई विभाग ने गुरुवार को इन बांधों से अधिक पानी छोड़े जाने की चेतावनी जारी की गई है। कोडग़ु, मैसूरु, उडुपी, दक्षिण कन्नड़ जिलों की सभी नदियां उफान पर होने से क्षेत्र के तीर्थक्षेत्रों में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बांधों में से बड़े पैमाने पर पानी छोड़े जाने से मैसूरु-ऊटी राजमार्ग के मालनमोले गांव के निकट पानी राजमार्ग पर फैल गया था।

मण्ड्या जिले के वन विभाग ने जिले के श्रीरंगपट्टण तहसील में स्थित रंगनथिट्टू पक्षीधाम के परिसर में नौकायन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। पक्षीधाम के आस-पास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए वहां रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है। हालांकि, रंगनतिट्टू पक्षीधाम में पर्यटकों के जाने पर कोई रोक नहीं है।

पर्यटक यहां के देश-विदेश से आए पक्षियों का नजारा देख सकते है। इसके लिए सुरक्षित स्थान पर वॉच टॉवर बनाया गया है। मलनाडु क्षेत्र के मेंगलूरु, उडुपी दक्षिण कन्नड़ जिलों मे हो रही भारी बारिश के कारण भूस्खलन से कई मार्गों पर यातायात बाधित हो गया है। सहयाद्री घाटी में भूस्खलन के कारण सकलेशपुर तहसील के एडकुमरी क्षेत्र में तीन स्थानों पर रेल की पटरियों पर मिटटी गरी है। इस कारण हासन-मेंगलूरु के बीच रेल यातायात आंशिक रूप से बाधित हुआ है।

मेंगलूरु की ओर जाने वाली कई ट्रेन अभी केवल हासन तक जा पा रही हैं। बेंगलूरु-मेंगलूर के बीच रेल यातायात प्रभावित हुआ है।
तटीय कर्नाटक के उप्पिन अंगड़ी-कडबा-सुब्रमण्या मार्ग पर स्थित होसमठ पुल के जलमग्न होने से यातायात रुक गया है। नेत्रावती तथा कुमारधारा नदियों का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।

चिकमगलूरु जिले में भी भारी बारिश हो रही है और तुंगा, भद्रा तथा मालती नदी उफान पर हैं। जिला प्रशासन ने नदी किनारे तथा निचले हिस्से में रहनेवालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है। बेलगावी जिले में मलप्रभा नदी पर बना हिडकल बांध लबालब होने पर बांध के सभी 10 गेट खोल कर 9 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।


कावेरी के सभी बांध लबालब
पिछले दो दिनों से जल ग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण राज्य में कावेरी नदी पर बने बांध फिर से लबालब हो गए जिसके कारण गुरुवार को 1.10 लाख क्यूसेक पानी इन बांधों से छोड़ा गया। कृष्णराज सागर और कबिनी से पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलामें बाढ़ की चेतावनी दी गई है। कोडुगू और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण एक दिन मेें हारंगी में पानी की आवक 6868 क्यूसेक से बढ़कर 15, 247 क्यूसेक हो गया। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गुरुवार को कृष्णराज सागर और कबिनी से 1.10 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। कबिनी ने 70 हजार और कृष्णराज सागर से 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। कृष्णराज सागर 124.25 फीट, कबिनी का जलस्तर 2283.07 फीट, हारंगी का 2858.43 फीट और हेमावती का जलस्तर 2921.23 फीट था। हारंगी से 13 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया जबकि हेमावती से 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। केंद्रीय जल आयोग ने भी कावेरी के बांधों से पानी छोड़े जाने को लेकर बाढ़ की चेतावनी जारी की है। कोडुगू में भारी बारिश के कारण गुरुवार को शिक्षण संस्थानों में प्रशान ने अवकाश घोषित किया था।