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एसइपी आयोग दूसरी बार अंतिम रिपोर्ट सौंपने में विफल

आयोग को गत वर्ष अगस्त में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी। लेकिन, आयोग ने सितंबर 2024 में सरकार से छह महीने का अतिरिक्त समय मांगा। सरकार ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए फरवरी 2025 तक का समय दिया था, जो नहीं हुआ।
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बैंगलोर

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Nikhil Kumar

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Updated: 29 Mar 2025, 12:19 PM IST

राज्य शिक्षा नीति आयोग Karnataka State Education Policy Commission (एसइपी) दो बार सरकार को एसइपी पर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने में विफल रही है। इस बार तो आयोग ने रिपोर्ट जमा करने के लिए आवश्यक अवधि बढ़ाने के लिए सरकार से अभी तक अनुरोध भी नहीं किया है। जानकारों के अनुसार रिपोर्ट प्रस्तुत करने में कुछ महीनों की देरी हो सकती है। ऐसे में शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से एसइपी का लागू होना संदेह के घेरे में है।

प्रोफेसर सुखदेव थोराट की अध्यक्षता में गठित एसइपी को फरवरी तक कर्नाटक सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन अब तक यह नहीं हुआ है। आयोग को गत वर्ष अगस्त में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी। लेकिन, आयोग ने सितंबर 2024 में सरकार से छह महीने का अतिरिक्त समय मांगा। सरकार ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए फरवरी 2025 तक का समय दिया था, जो नहीं हुआ।

आयोग के एक सदस्य के अनुसार अब तक आयोजित बैठकों में व्यक्त विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों की राय को समेकित किया जा रहा है। अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने में कुछ और महीने लगेंगे।

उच्च शिक्षा मंत्री एम. सी. सुधाकर ने कहा कि उन्होंने हाल ही में आयोग के साथ एसइपी रिपोर्ट की प्रगति पर चर्चा की है। रिपोर्ट का कन्नड़ में अनुवाद करने का काम चल रहा है। आयोग जल्द ही अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।

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