
मैसूरु में आयोजित साधना समावेश कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक मंच पर मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच चल रही कथित अनबन उजागर हो गई। सितम्बर क्रांति और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच दावा किया जा रहा है कि दोनों खेमों के बीच अंदरुनी घमासान चरम पर है।
मैसूरु में आयोजित साधना समावेश में लाखों लोग शामिल हुए। इस सम्मेलन को संबोधित करने के बाद उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार मंच छोडक़र चले गए। वे बेंगलूरु के लिए वापस रवाना हो गए। इसके बाद जब सिद्धरामय्या जनसभा को संबोधित करने आए तो उन्होंने मंच पर उपस्थित सभी मंत्रियों, विधायकों, कार्यकर्ताओं आदि का नाम लिया और स्वागत किया, लेकिन डीके शिवकुमार का नाम नहीं लिया। इसी दौरान एक नेता ने मुख्यमंत्री के पास जाकर याद दिलाया कि उन्होंने डीके शिवकुमार का नाम नहीं लिया। इसपर सिद्धरामय्या भडक़ गए। डीके शिवकुमार का नाम लेने का सुझाव देने वाले नेता को मुख्यमंत्री ने ऊंची आवाज में चुपचाप बैठने को कहा।
इसके बाद सिद्धरामय्या ने कहा कि डीके शिवकुमार किसी अन्य कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बेंगलूरु चले गए। वे मंच पर नहीं हैं। जो लोग मौजूद हैं, उनके नाम तो लिए जा सकते हैं, लेकिन जो लोग चले गए, उनके नाम नहीं लिए जा सकते। इसलिए उनका नाम नहीं लिया गया। केवल मंच पर मौजूद लोगों का ही स्वागत किया जा सकता है, घर बैठे लोगों का नहीं। सिद्धरामय्या की अचानक कड़ी प्रतिक्रिया से मंच और सभा कुछ देर के लिए असहज हो गई। इस सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने 2658 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की आधारशिला रखी। उन्होंने 24 विभागों के 74 कार्यों का लोकार्पण भी किया।
हालांकि, इस सम्मेलन को मुख्यमंत्री के गृह जिले में उनके शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा गया। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ये विकास कार्य भाजपा और जद-एस के झूठ का जवाब हैं। उन्होंने सरकार को राज्य की जनता के द्वार तक पहुंचाया है। इस पर खुली बहस के लिए विपक्ष आमंत्रित है। सिद्धरामय्या ने भाजपा और जद-एस पर राज्य की जनता के साथ झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा कभी भी अपने दम पर सत्ता में नहीं आईं। हर बार वे पीछे से सत्ता हथियाते रहे हैं। वे ऑपरेशन कमल के जरिए सत्ता में आए। जद-एस भी कभी अपने बल पर सत्ता में नहीं आ सकती। जो लोग राज्य की जनता के प्यार, विश्वास और सम्मान को बनाए नहीं रख सकते, उनमें सरकार की आलोचना करने की नैतिकता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान बदलने की साजिश कर रही है, लेकिन देश की जनता उसे परास्त करेगी।
उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य की गारंटी योजनाओं को लागू करने के लिए हमारी आलोचना करने वाली भाजपा अब दूसरे राज्यों में उसकी नकल कर रही है। कांग्रेस सरकार के विकास कार्य राज्य के लोगों को दिखाई दे रहे हैं। आलोचनाएं खत्म हो जाती हैं, लेकिन अच्छे काम हमेशा याद रहते हैं। भाजपा में सभी ने कहा था कि अगर गारंटी योजनाओं को लागू किया गया तो राज्य दिवालिया हो जाएगा। भाजपा ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और हरियाणा के चुनावों के दौरान कांग्रेस पार्टी के ऐसा करने से पहले ही अपनी गारंटी योजनाओं की घोषणा कर दी थी। अब वह बिहार में भी कांग्रेस की योजनाओं की नकल कर रही है।
Updated on:
20 Jul 2025 08:36 pm
Published on:
20 Jul 2025 08:36 pm
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