
सिद्धरामय्या फिर पहनेंगे काला कोट, छोड़ेंगे सक्रिय राजनीति!
बेंगलूरु. पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने 38 वर्ष से राजनीति में सक्रिय रहने के पश्चात अब फिर अधिवक्ता बनने की इच्छा जाहिर की है। वर्ष 1982 में राजनीति में दस्तक देने से पहले सिद्धरामय्या मैसूरु बार काउंसिल के सदस्य थे। मुख्यमंत्री बनने के पश्चात बार काउंसिल ने उनकी सदस्यता लङ्क्षबत रखी थी।
हाल में मैसूरु दौरे पर पहुंचे सिद्धरामय्या ने फिर एक बार अधिवक्ता बनने की मंशा व्यक्त करने के साथ मैसूरु बार काउंसिल की सदस्यता के लिए फिर आवेदन देने का फैसला किया है। हाल में सिद्धरामय्या ने कांग्रेस विधायक दल का अध्यक्ष पद तथा नेता प्रतिपक्ष का पद विभाजित नहीं करते हुए इन दोनों पदों पर दावेदारी पेश की थी।
लेकिन इस मांग को लेकर कांग्रेस के मूल नेताओं का विरोध देखते हुए सिद्धरामय्या ने अब सक्रिय राजनीति से निवृत्त होने के संकेत देते हुए फिर एक बार अधिवक्ता बनने की तैयारियां शुरू कर दी है।
उपचुनाव में कांग्रेस की करारी हार के पश्चात नेता प्रतिपक्ष पद से त्यागपत्र देने का फैसला वापस लेने पर किसी कांग्रेस नेता का दबाव नहीं आने से भी सिद्भरामय्या पार्टी आलाकमान से नाराज चल रहें है।
Published on:
27 Jan 2020 07:09 pm
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