
बेंगलूरु. गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि शुक्रवार को कावेरी नदी जल बंटवारा विवाद में संभावित फैसले के कारण अशांति फैलने की आशंका के चलते बेंगलूरु और कावेरी के अन्य तटीय जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
उन्होंने गुरुवार रात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक के बाद बताया कि सुरक्षा को लेकर कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। अति संवेदनशील क्षेत्रों, बेंगलूर अंतरराष्ट्रीय एअरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड, शापिंग मॉल, सिनेमा घरों, उद्यानों, पर्यटन क्षेत्रों, ऊर्जा उत्पादन केंद्र, जलाशयों और रक्षा संस्थानों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस का पुख्ता बंदोबस्त किया जाएगा। पुलिस के अलावा कर्नाटक राज्य पुलिस आरक्षी बल (के.एस.आर.पी.) की ४० टुकडिय़ों और त्वरित कार्य बल की २ टुकडिय़ों को भी तैनात किया जाएगा।
पिछले साल इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद बेंगलूरु में जमकर हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुई थीं। इसलिए पुलिस इस बार कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है।
दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी
गृहमंत्री रामलिंगा रेड्डी ने बेलंदूर के कसवानाहल्ली में ढही एक निर्माणाधीन इमारत के घटनास्थल का जायजा लिया। इमारत से तीन मजदूरों की मौत हो गई और 9 मजदूर घायल हो गए। उन्होंने बचाव कार्य का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यह भवन पुराना नहीं है और भवन के मालिक ने इसे दोबारा बनवाना शुरू किया था। लेकिन घटिया सामग्री का उपयोग किया गया इस कारण भवन ढह गया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में बीबीएमपी के क्षेत्रीय इंजीनियर और भवन के मालिक रफीक अहमद की पत्नी को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
उन्होंने भाजपा द्वारा इस संबंध में बीबीएमपी के भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाने पर कहा कि भाजपा के पास और कोई काम नहीं है इसलिए वे हर बात पर राजनीति करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि बेंगलूरु विकास मंत्री केजे जार्ज मामले को खुद देख रहे हैं।
Published on:
16 Feb 2018 01:47 am
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