27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

उच्च शिक्षा विभाग की परीक्षा करूंगा पास : देवेगौड़ा

माउंट कार्मेल कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ संवाद
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बैंगलोर

•

image

Rajendra Shekhar Vyas

•

Updated: 12 Jul 2018, 9:55 PM IST

Higher Education

उच्च शिक्षा विभाग की परीक्षा करूंगा पास : देवेगौड़ा

पढ़ाई की भाषा चुनने का अधिकार अभिभावकों पर निर्भर
बेंगलूरु. उच्च शिक्षा मंत्री जी. टी. देवेगौड़ा ने बुधवार को माउंट कार्मेल कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ संवाद में कहा कि वे विभाग की जिम्मेदारी की परीक्षा में अवश्य पास होंगे। लोकनीति की स्नातकोत्तर छात्राओं के सवालों का जवाब देते हुए देवेेगौड़ा ने कहा कि उन्हें अपनी शैक्षणिक योग्यता और विभाग की जिम्मेदारी को लेकर पूछे जाने वाले सवालों को लेकर कोई असहजता महसूस नहीं होती। देवेगौड़ा ने कहा कि वे सिर्फ आठवीं पास हैं लेकिन विभाग की जिम्मेदारियों को वे अपने सहायकोंं और समर्थकों के साथ निभा रहे हैं और इसमें पास होंगे। कार्यक्रम में देवेगौड़ा के साथ विधान परिषद के कार्यकारी सभापति बसवराज होरट्टी भी थी। एक छात्रा ने जब यह पूछा कि बेंगलूरु के आइटी सिटी होने के बावजूद सरकार विद्यार्थियों को अंग्रेजी सीखने के लिए क्यों प्रेरित नहीं कर रही ताकि उन्हें बेहतर रोजगर मिल सके तो होरट्टी ने उच्चतम न्यायालय के एक फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि पढ़ाई की भाषा चुनने का अधिकार अभिभावकों पर छोड़ दिया है। देवेगौड़ा ने कहा कि विद्यार्थियों में कौशल विकास पर जल्द ही मुख्यमंत्री कुलपतियों के साथ बैठक करेंगे।
मठ का पूर्व प्रशासक गिरफ्तार
बेंगलूरु. नगर पुलिस आयुक्त कार्यालय से संबद्ध नगर अपराध शाखा ने एक मठ के प्रशासक से 15 करोड़ रुपए मांगने के आरोप में उसी मठ के पूर्व प्रशासक सहित चार लोगो को गिरफ्तार किया है। श्रृंगेरी शिवंगगा मठ के प्रशासक श्रीनिवास राव ने पुलिस से शिकायत की थी कि मठ ने वर्ष 1965 में बेंगलूरु ग्रामीण जिले में 208 एकड़ जमीन 40 हजार 200 बेची थी लेकिन एक पूर्व प्रशासक एन एल नरसिम्हय्या ने मठ प्रमुख की ओर मिले पावर ऑफ अटार्नी का दुरुपयोग करते हुए बाद में जमीन खरीदने वाले के खिलाफ यह कहते हुए मुकदमा कर दिया कि यह जमीन मठ से जुड़ी है। हालांकि, बाद में मठ प्रमुख ने अदालत को बताया कि जमीन खरीदार को ही बेची गई थी। जमीन खरीदने वाले व्यक्ति ने पिछले साल मठ को 20 करोड़ रुपए का दान दिया था। बाद में नरसिम्हय्या ने कथित तौर पर दान में मिली राशि में से 15 करोड़ रुपए राशि देने की मांग की थी। राव की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सीसीबी ने नरसिम्हय्या के साथ ही तीन अन्य लोगों को भी इस मामले में गिरफ्तार किया है।

बड़ी खबरें

View All

बैंगलोर

कर्नाटक

ट्रेंडिंग