
बांसवाड़ा. आंबापुरा. आंबापुरा थाना क्षेत्र के केसरपुरा के पास पंजाब नेशनल बैंक के कैशियर एवं सहायक से नौ लाख रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हुए आरोपितों से राशि बरामदगी में छह दिन हाथ पैर फूलने के बाद आखिरकार सोमवार कों सातवें दिन पुलिस ने लुटेरों के कब्जे से नौ मे से आठ लाख रुपयों की बरामदगी कर ली। वारदात में अब एक आरोपितों गिरफ्तारी और एक लाख रुपयों की बरामदी शेष है। मामले में पुलिस चार आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत ने खुलासा करते हुए बताया कि लूटी गई राशि अलग-अलग जगहों से बरामद की गई है। इसमें पांच लाख रुपए नीम के नीचे गड्ढ़े से, दो लाख रुपए वारदात में प्रयुक्त गाड़ी की डिक्की व एक लाख रुपए खेत में एक गड्ढ़े से बरामद हुए हैं।
लूट के बाद तीन आरोपितों को दी राशि
एसआई पूनाराम ने बताया कि अनुसंधान के दौरान सामने आया कि बैंक केशियर से लूटी हुई राशि को आरोपितों जसवंत एवं जीतेन्द्र ने तीन साथियों राजू डिंडोर, रणविजय सिंह व सूर्यपाल सिंह को दे दी है और वे इसे लेकर फरार हो गए हैं। इसके बाद पुलिस ने वारदात में शामिल राजू एवं रणविजयसिंह प्रतापगढ़ को भी मोबाइल लोकेशन से ट्रैस कर शनिवार को हिरासत में ले लिया था। बाद में आरोपितों ने पूछताछ के दौरान लूट की हुई राशि के बारे में बताया जिस पर पुलिस ने लूट की राशि में से 8 लाख रुपए बरामद किए। पुलिस के अनुसार वारदात में शामिल एक अन्य आरोपित प्रतापगढ़ जिले के कल्याणपुरा निवासी सूर्यपाल सिंह की तलाश जारी है।
राशि अलग अलग हिस्सो मे बांटी
थानाधिकारीने बताया कि आरोपितों ने लूट के बाद 9 लाख रुपए की राशि को अलग अलग हिस्सों में बांट लिया था और इस राशि को अलग-अलग जगहों पर छिपा दिया। शनिवार को गिरफ्तार हुए मुख्य आरोपी रणविजय सिंह े से पूछताछ की गई तो सामने आया कि लूट के बाद जब जसवंत और जितेंद्र ने रुपयों से भरा बैग अपने 3 अन्य साथियों को सौंपा था तो उन्होंने भागते समय केसरपुरा के निकट नाथपुरा के जंगलो में एक नीम के पेड़ के नीचे गड्ड़ा खोदकर उसमें पांच लाख रुपए व बैग छिपा दिया व बचे 4 लाख रुपयो में से 2 लाख रुपए रणविजय सिंह ने चोरी में उपयोग की गई कार की डिक् की में एक डिब्बे में छुपाए व 1 लाख रुपए राजू डिंडोर को दिए, जिसने अपने घर के पीछे खेत मे गड्ढ़ा खोदकर उसमें छिपा दिए। बचे एक लाख रुपयो को फ रार आरोपी सुर्यपाल सिंह लेकर गया है।
एक किलोमीटर दूर थे कार सवार लुटेरे
एसआई ने बताया कि जसवंत एवं जीतेन्द्र ने जैसे ही वारदात को अंजाम दिया ठीक उसी समय एक किलोमीटर दूर खड़े कार सवार रणविजय एवं सूर्यप्रताप पीछे से आ गए। बाइक के पीछेे बैठे जसवंत ने जब बैग देखा तो उसमें रुपए ज्यादा थे। इसके चलते रुपयों का एक बंडल उसने रास्ते में गिराया, जिसको कार सवार सवारों ने उठा लिया और वे अलग रास्ते से चले गए। इसके बाद बाइक सवार केसरपुरा से सामापाड़ा नाथपुरा वाले रोड पर चले गए। जहां वे रास्ता भटक गए। इसके चलते उन्होंने एक पेड़ के पास गड्ढ़ा खोदकर उसमें बैग रखा और उपर से पत्थर रख दिया।
इसके बाद उन्होंने राजू को फोन किया। इस पर राजू ने नवागांव को जाने के लिए कहा। जब वे नवागांव की तरफ जाने लगे तो पुलिस ने उनको गणाऊ के पास दबोच लिया। इसके बाद कार सवार राजू के पास पहुंचे और वहां उन्होंने रुपयों का बड़ंल राजू को दिया। इसके कुछ देर बाद ही राजू को यह पता लग गया कि बाइक सवार साथियों को पुलिस ने पकड़ लिया है। कार सवार एवं राजू गैमन पर पुल पर मिले। इसके बाद वे जावरा पहुंचे और भागते फिरे। एसाआई पूनाराम ने बताया कि आरोपित यहां बांसवाड़ा के अजंता होटल में भी रुके।
वारदात से बरामदगी तक का सफर
पंजाब नेशनल बैंक की खेड़ावड़लीपाड़ा शाखा बैंक के कैशियर कांतिलाल व सहायक राजेश यादव से 21 नवंबर को आंबापुरा मार्ग पर केसरपुरा गांव के पास नौ लाख रुपयों की लूट हुई थी। पुलिस ने आरोपित मध्य प्रदेश रतलाम के दो बत्ती थाना इलाके के भावरिया बाजार निवासी जसवंत सिंह (31) पुत्र सोहन सिंह राजपूत तथा झाबुआ जिले के पेटला थाना क्षेत्र के टेमटिया निवासी जीतेन्द्र (25) गोस्वामी पुत्र शिवपुरी गोस्वामी को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया। साथ ही एक देसी पिस्तौल भी बरामद कर ली गई। इसके बाद पूछताछ मेंवारदात के मास्टरमाइंड उमराखल केसरपुरा निवासी राजू पुत्र प्रभु डिण्डोर व प्रतापगढ़ निवासी रणविजयसिंह को गिरफ्तार किया गया।
Updated on:
28 Nov 2017, 12:24 PM IST
Published on:
28 Nov 2017, 12:24 PM IST
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