लापरवाही: सीसीटीवी कैमरे खराब, सवालों के घेरे में इंतजाम
राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी के तहत प्रथम चरण में प्रदेश के जिला मुख्यालय भरतपुर, भीलवाड़ा, चूरू, डूंगरपुर, पाली, बाड़मेर एवं सीकर में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। इसमें एमबीबीएस के स्टूडेंट्स से सालाना करीब 7.87 लाख रुपए फीस ली जाती है। इसके साथ ही हॉस्टल व खाने का खर्चा अलग से है। इसके बाद भी एसके मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने हॉस्टल के सीसीटीवी कैमरे सही नहीं करवाए। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की लापरवाही पर भी लोगों ने गुस्सा जाहिर किया।