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बांसवाड़ा : शराब के अड्डे बंद कराने के लिए थाने पर प्रदर्शन, महिलाएं बोली- परिवार हो रहे बर्बाद, आप खामोश क्यों बैठे हो

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बांसवाड़ा

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Varun Kumar Bhatt

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Updated: 27 Sep 2018, 2:22 PM IST

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बांसवाड़ा : शराब के अड्डे बंद कराने के लिए थाने पर प्रदर्शन, महिलाएं बोली- परिवार हो रहे बर्बाद, आप खामोश क्यों बैठे हो

बांसवाड़ा. घाटोल. जिले में शराब के अवैध अड्डों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से गुस्साई मोटागांव थाना क्षेत्र के मूंगाणा की सैकड़ों महिलाओं ने बुधवार को मोटागांव पुलिस थाने पर प्रदर्शन किया। सैकड़ों महिलाएं ट्रैक्टर ट्रॉलियों, टैम्पो व अन्य वाहनों में सवार होकर थाने पहुंची और शराब के अड्डे बंद नहीं होने पर आक्रोश जताया। महिलाओं ने हाथों में लाठियां लेकर आबकारी विभाग, पुलिस, प्रशासन व सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर गुबार निकाला। महिलाओं ने करीब दो घंटे तक थाने के बाहर हंगामा किया। थाने में मौजूद हैंड कांस्टेबल ने महिलाओं से समझाइश के प्रयास किए।

महिलाओं ने बताया कि क्षेत्र में दस से अधिक शराब के अड्डे संचालित हैं। शराब घरों में कलह की वजह बन गई है। पति शराब पीकर पत्नी और बच्चों से मारपीट करते हैं। नशे में आए दिन संगीन अपराध व हादसे हो रहे हैं। पुलिस की ढिलाई से जगह-जगह शराब बन और बिक रही है। घर में कलह व मारपीट होने से कई की पत्नियां मायके बैठी हंै। महिलाएं खेतीबाड़ी के सहारे घर चला रही हंै। महिलाओं का कहना था कि पहले भी दो दिन शराब के खिलाफ आंदोलन किया था। शराब के अड्डे बंद कराने पहुंची तो तस्कर बोलते हैं पुलिस को पैसा भरते हैं तो बंद क्यू करें। शराब तस्कर अभद्रता करते हैं।

दो दिन का अल्टीमेटम
महिलाओं ने पुलिस को दो दिन का अल्टीमेटम दिया कि शराब अड्डे बंद नहीं हुए तो सडक़ पर उतर प्रदर्शन करेंगी। वहीं शराब अड्डों पर खुद कार्रवाई करेंगी। थाने में हैडकांस्टेबल ने महिलाओं को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगें पर ध्यान देकर उच्च अधिकारी के निर्देशन में ठोस कार्रवाई करेंगे।

महिलाओं की पीड़ा
मूंगाणा निवासी संगीता ने कहा कि घर में चार बच्चे हैं। पति रोज शराब पीकर कलह करता है। कमाने की बात पर मारपीट एवं पीहर जाने को कहता है। घर बिना छत का है, त्रिपाल ढंक रखा है। ऐसे में कैसे जिंदगी जीयें। शराब बिक्री बंद हो जाएगी तो सबकुछ ठीक हो जाएगा। चांदा खेड़ा निवासी शांतिदेवी बताती है कि पति शराब पीकर रोज उससे व बच्चों से मारपीट करता है। घर का सामान व खाना फेंक देता है। आस पड़ोस में गालियां देता है।

मूंगाणा निवासी सीता का कहना है कि शराब ने घर बर्बाद कर दिया। बच्चों को रोटियां भी नसीब नहीं हो पाती है। पांच बेटे-बेटी है। पति कुछ नहीं कमाता। खेतो में जो कुछ उगता है उससे घर चलाती हूं। कभी तो बच्चे भूखे भी रह जाते हंै। डाली बाई ने बताया कि पंचायत क्षेत्र में शराब बंद करवाने को लेकर रैली निकाली। अटल सेवा कैन्द्र के बाहरप्रदर्शन भी किया। महुआ एवं गुड़ व्यापारी को भी यहां माल नहीं बेचने की चेतावनी देकर पांबद किया। लेकिन महिलाओं की कोई सुनने को तैयार नहीं है।

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