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विश्व एड्स दिवस पर 22 हजार लोगों की हुई जांच, 17 निकले पॉजिटिव

- सीएमओ कार्यलय में हस्ताक्षर अभियान समेंत सीएचसी केन्द्रों पर गोष्ठी आयोजन
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बाराबंकी

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Nitin Srivastva

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Updated: 6 Dec 2020, 4:34 PM IST

विश्व एड्स दिवस पर 22 हजार लोगों की हुई जांच, 17 निकले पॉजिटिव

विश्व एड्स दिवस पर 22 हजार लोगों की हुई जांच, 17 निकले पॉजिटिव

बाराबंकी. विश्व एड्स दिवस सीएमओ कार्यालय सहित जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर मनाया गया। इस दौरान स्टाल लगाने के साथ हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इसके अलावा जिले के चार सीएचसी पर टीबी यूनिट द्वारा 21 हजार 982 लोगों के एड्स की जांच की गई । जिसमें से कुल 17 पॉजटिव केस पाये गये। जबिक वही पिछले वर्ष 98 केस मिले थे।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके वर्मा ने बताया कि बताया कि वर्ष 2019 में 51390 लोगों की जांच की गई। जिसमें से 98 पॉजिटिव मिले। वर्ष 2020 में 15032 लोगों की जांच हुई। इनमें से 17 लोग पॉजिटिव मिले। इन सभी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने बताया कि वैश्विक एकजुटता साझा जिम्मेदारी विषय पर गोष्ठी सीएचसी हैदरगढ़, रामसनेहीघाट, फतेहपुर, सूरतगंज पर कोविड नियमों का पालन करते हए आयोजित की गई। स्टाल भी लगाया गया। सीएमओ कार्यालय में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। उन्होंने बताया कि जिले के सभी ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस पर गर्भवतियों महिलाओं की एचआइवी व सिफलिस जांच की जाता है। वहीं प्रसव पश्चात जन्में बच्चे को विशेष देखरेख में रखा जाता है।

सीएमओ कार्यालय में आयोजित गोष्ठी में सीएमओ डॉ. बीकेएस चौहान ने कहा कि एड्स दिवस की पहली बार कल्पना 1987 में अगस्त के महीने में थॉमस नेट्टर और जेम्स बन्न की ओर से गई थी। दोनों डब्ल्यूएचओ जिनेवा स्विटरजरलैंड के एड्स ग्लोबल कार्यक्रम के लिए सार्वजनिक सूचना अधिकारी थे। उन्होंने एड्स दिवस का अपना विचार डॉ. जॉननाथन मन्न के साथ साझा किया जिन्होंने इस विचार को स्वीकृति दे दी और वर्ष 1988 में एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। इस दिन का मुख्य का उद्देश्य इस बीमारी से ग्रसित लोगों को इसके इलाज और रोकथाम के विषय में प्रेरित करना है। पूरे विश्व भर में लोग आज के दिन लाल रीबन पहनकर एड्स से पीड़ित व्यक्तियों के प्रति अपनी भावनात्मकता व्यक्त करते हैं। ऐसा लोगों में इस मुद्दे के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसके साथ ही रोग से लड़ रहे लोगों के लिए सहायता राशि जुटाने के लिए भी लोग इस लाल रीबन को बेचते हैं।

एचआईवी के लक्षण

रोगी को बुखार आना और पसीना आना, ठंड लगना, थकान महसूस होना, उल्टी आना, गले में खराश रहना, सांस लेने में समस्या होना व मांसपेशियों में दर्द होना और शरीर पर चकत्ते पड़ना प्रमुख लक्षण है।

उपाय

एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ सुरक्षित शारीरिक संबंध बनाए, खून को चढ़ाने से पहले जांच लें और 1 से ज्यादा लोगों के साथ यौन संबंध बनाते समय कंडोम का प्रयोग अवश्य करें, इंजेक्शन का प्रयोग दुबारा न करें। इन उपायों के साथ एड्स बीमारी से बचा जा सकता है।