
मदन राठौड़, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष व गोविंद डोटासरा, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष। फोटो पत्रिका
Anta by-election : राजस्थान की सियासत में अब सभी की नजरें अंता विधानसभा उपचुनाव पर टिक गई हैं। सोमवार को चुनाव आयोग ने अंता सीट पर उपचुनाव की घोषणा कर दी है। इस उपचुनाव को भाजपा के लिए अपनी सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर और कांग्रेस के लिए सत्ता विरोधी लहर तैयार करने का मौका माना जा रहा है। अंता में 11 नवंबर को मतदान होगा, जिसमें 2 लाख 27 हजार 563 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे।
यह सीट भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा के 3 साल की सजा के कारण अयोग्य घोषित होने से रिक्त हुई थी। कंवरलाल मीणा की ओर से सजा कम कराने के लिए दया याचिका भी राज्यपाल के पास भेजी गई थी, लेकिन राहत नहीं मिली। अब चुनाव आयोग की घोषणा के साथ ही अंता में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
चुनाव की अधिसूचना 13 अक्टूबर को जारी होगी और उसी दिन से नामांकन प्रक्रिया भी प्रारंभ हो जाएगी। 21 अक्टूबर नामांकन की अंतिम तिथि रहेगी, जबकि 23 अक्टूबर को जांच और 27 अक्टूबर को नाम वापस लेने की तिथि तय की गई है। इसके साथ ही अंता विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। क्षेत्र में कुल 268 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
आगामी उपचुनाव में दोनों दलों के संभावित उम्मीदवारों के नाम चर्चा में हैं। कांग्रेस खेमे में पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया और उनकी पत्नी जिला प्रमुख उर्मिला जैन के नाम चल रहे हैं। वहीं भाजपा में पूर्व जिलाध्यक्ष आनंद गर्ग, अंता प्रधान प्रखर कौशल, नगरपालिका अध्यक्ष रामेश्वर खंडेलवाल, विष्णु गौतम और पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी के नामों पर चर्चा है।
11 नवंबर को मतदान
2,27,563 मतदाता डालेंगे वोट
268 मतदान केंद्र
अंता सीट परिसीमन के बाद 2008 में अस्तित्व में आई। तब से चार बार चुनाव हुए हैं। 2 बार कांग्रेस और दो बार भाजपा ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया ने 2008 व 2018 में जीत हासिल कर मंत्री पद संभाला, जबकि 2013 में प्रभुलाल सैनी और 2023 में कंवरलाल मीणा ने भाजपा के झंडे को बुलंद किया। पिछले चुनाव में कंवरलाल ने भाया को 5,861 मतों से हराया था। उस समय पीएम मोदी ने खुद अंता में सभा कर चुनावी माहौल को गरमाया था।
पौने 2 साल से जनता भाजपा सरकार का कुशासन झेल रही है, अब वक्त कड़ा संदेश देने का है। कांग्रेस कार्यकर्ता पूरे उत्साह के साथ चुनाव के लिए तैयार है। अंता सीट को बड़े अंतर से जीतेंगे। राज्य सरकार ने अंता चुनाव टालने के लिए राज्यपाल के पास रिपोर्ट भेजी थी, लेकिन राज्यपाल ने कानून की पालना की।
गोविंद डोटासरा, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष
एक बार फिर भाजपा की जीत होगी। कांग्रेस पार्टी में अंतरकलह और बिखराव है। कोटा से लेकर जोधपुर तक, धारीवाल से लेकर डोटासरा तक, हर जगह अंतरलह साफ नजर आता है। जनता का विश्वास भाजपा के साथ है और आने वाले चुनाव में भाजपा एक बार फिर विजयी होगी।
मदन राठौड़, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
Updated on:
07 Oct 2025 10:56 am
Published on:
07 Oct 2025 10:56 am
