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जिले की धरती उगलने लगी पीला सोना

सोयाबीन की कटाई व थ्रेसिंग ने पकड़ा जोर, करीब पांच हैक्टेयर में हो गई सरसों की बुवाई
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बारां

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Mukesh Gaur

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Updated: 30 Sep 2023, 12:59 PM IST

जिले की धरती उगलने लगी पीला सोना

जिले की धरती उगलने लगी पीला सोना

बारां. जिले में सोयाबीन की कटाई व थ्रेसिंग के जोर पकड़ने के साथ ही रबी की प्रमुख फसल सरसों की बुवाई का दौर भी शुरू हो गया है। सोयाबीन का औसत उत्पादन 16 से 18 क्विंटल तक हो रहा है, जो ढाई से तीन क्विंटल प्रति बीघा है। कृषि अधिकारियों के अनुसार कई क्षेत्रों में चार क्विंटल प्रति बीघा के हिसाब से भी हो रहा है। किसान मौसम का मिजाज देखते हुए खेतों में थ्रेसिंग के बाद सोयाबीन बेचने के लिए मंडी पहुंच रहे हैं। व्यापारी जिंस में नमी होने से भाव भी कम लगा रहे हैं, हालांकि इनदिनों गत वर्ष की तुलना में यह भाव ठीक है। उधर, दूसरी ओर जिन किसानों ने खरीफ में फसल की बुवाई नहीं की थी, वे अब रबी की फसल सरसों की बुवाई में जुट गए हैं। कृषि अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में खेतों में पर्याप्त नमी होने से शाहाबाद व नाहरगढ़ क्षेत्र में शुक्रवार शाम तक करीब पांच हैक्टेयर भूमि में सरसों की बुवाई हो गई है।

इतना रहा सोयाबीन का उत्पादन

कृषि अधिकारियों के अनुसार सोयाबीन का प्रति बीघा औसत उत्पादन ढाई से तीन क्विंटल प्रति बीघा तक हो रहा है। कुछ इलाकों में चार क्विंटल प्रति बीघा तक हो रहा है। बनते, बिगड़ते मौसम के बीच यह उत्पादन ठीकठाक कहा जा सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अब श्राद्ध पक्ष के दूसरे सप्ताह में बारिश की संभावना जताई गई है।करीब साठ हजार में थ्रेसिंग

कृषि अधिकारियों के अनुसार जिले में 2 लाख 35 हजार हैक्टेयर में सोयाबीन की बुवाई हुई थी। इसमें से अब तक करीब 55 हजार हैक्टेयर में कटाई के बाद थ्रेसिंग का कार्य चल रहा है। चार-पांच दिन मौसम खुला रहा तो शेष क्षेत्रफल में भी कटाई व थ्रेसिंग का कार्य पूरा हो जाएगा।इधर होने लगी सरसों की बुवाई

दूसरी ओर अब जिले के नाहरगढ़ व शाहाबाद क्षेत्र में सरसों की बुवाई का दौर शुरू हो गया है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार शाम तक इन क्षेत्रों में लगभग पांच हैक्टेयर में सरसों की बुवाई हो गई थी। आम तौर पर सरसों की बुवाई 15 अक्टूबर के बाद शुरू होती है।- जिले में एक चौथाई क्षेत्र मेें सोयाबीन की कटाई व थ्रेसिंग हो चुकी है। आगामी आठ दस दिनों में कटाई व थ्रेसिंग का कार्य पूरा होने की उम्मीद है। कुछ क्षेत्रों में सरसों की बुवाई भी शुरू हो गई। विभाग ने इस वर्ष करीब 1.50 लाख हैक्टेयर में सरसों की बुवाई का अनुमान लगाया है, लेकिन इससे अधिक क्षेत्रफल में सरसों की बुवाई हो सकती है।

- अतीश कुमार, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग