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राष्ट्रीय आम दिवस आज : कभी देशी आम के स्वाद और खुशबू से महकती थी बारां की मंडी
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बारां

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Mukesh Gaur

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Updated: 22 Jul 2023, 11:46 AM IST

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बारां. फलों के राजा आम का नाम नाम आते ही मुंह में पानी भर आता है। जिले में चार दशक पहले तक हजारों की संख्या में आम के पेड़ हुआ करते थे, लेकिन अब इनमें से दस फीसदी पेड़ भी शेष नहीं बचे। वर्तमान में उद्यान विभाग जिले में करीब पांच हजार से अधिक आम के पेड़ मौजूद होने का दावा करता है। अब यह पेड़ खेतों की मेढ़ आदि पर ही नजर आते हैं। जिले में आम का एक भी बगीचा अभी अस्तित्व में नहीं है। देश में आम की कई प्रजातियां उपलब्ध हैं, मगर लोगों को कुछ ही का स्वाद पता है।

बगीचा लगाने का किया था प्रयास

किशनगंज क्षेत्र के दीगादपार गांव में किसान संदीप शर्मा ने करीब तीन वर्ष पूर्व 80-90 बीघा में करीब 3 हजार आम के पौधे लगाकर बगीचा तैयार करवाया था। इस पर लाखों का खर्च हुआ, लेकिन क्षेत्र में रोजड़ों (नीलगायों) ने इन पौधों को पनपने से पूर्व ही नष्ट कर दिया। काफी प्रयास के बाद महज पौने तीन सौ पौधे ही शेष बच पाए। पूर्व में बारां व क्षेत्र में देशी आम ही बिक्री के लिए लाया जाता था। इसे किसान घासफूंस की पाळ लगाकर पकाते थे। जबकि वर्तमान में आम को रसायन प्रक्रिया से पकाया जाता है। लेकिन समय के साथ साथ अब बाहरी क्षेत्र से कई किस्म के आम बिक्री के लिए आने लगे हैं। जानकारों का कहना है कि देशी आम का स्वाद बेहतर व गुणकारी भी होता था।

आम का इतिहास

आम का इतिहास कई हजार साल पुराना है। पांचवीं और चौथी शताब्दी ईसा पूर्व के बीच दक्षिण पूर्व एशिया में पहली बार आम उगाया गया था। जो बाद में यात्रा करते हुए 10वीं शताब्दी ई. में पूर्वी अफ्रीका की खेती में शामिल हो गया। कहा जाता है कि भारत में आम, पैस्ले पैटर्न के आकार पर आधारित है। भारत के बाद चीन ऐसा देश है जहां आम सबसे ज्यादा मिलता है। भारत के साथ ही दुनिया के और भी देशों में आम की अलग-अलग किस्में मिलती हैं। लेकिन केवल भारत के अलग-अलग हिस्सों में लगभग 15 से भी ज्यादा किस्में हैं। जिनके स्वाद से लेकर महक तक अलग होती हैं। वहीं इन आमों का रंग भी एक दूसरे से जुदा ही होता है।

पांच हजार साल से हो रही खेती

जानकारों की माने तो भारत में आम की खेती 5000 साल पहले की गई थी। वर्तमान में यह बांग्लादेश का राष्ट्रीय वृक्ष होने के साथ-साथ भारत, पाकिस्तान और फिलीपींस का राष्ट्रीय फल भी है। आम का इतिहास हजारों साल पुराना है, आमों की प्रजाति को मेंगीफेरा कहा जाता है।