जानकारी अनुसार 660 मेगावाट की छठी इकाई में बायलर ट्यूब लीकेज हो जाने के चलते विद्युत उत्पादन ठप हो गया। बायलर के तापमान के कम होने के साथ लीकेज को ठीक किया जाएगा। 72 घंटे बाद तकनीकी खामी दूर होने के साथ विद्युत उत्पादन प्रारंभ हो सकेगा। वहीं, क्रिटिकल प्लांट की दोनो इकाइयों को संचालित करने के लिए प्रतिदिन 14 से 15 हजार मीट्रिक टन कोयले की आवश्यकता होती है। यहां मात्र 3 दिन का कोयला स्टॉक में है। प्रतिदिन आ रही सप्लाई से विद्युत उत्पादन जारी है। वही, छठी इकाई बंद होने से राज्य को प्रतिदिन 130 से 140 लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति में कमी आ गई है।