अपराधों से बालकों के संरक्षण के लिए सरकार की ओर से बाल कल्याण समितियों का गठन किया हुआ है। नाबालिग के साथ किसी तरह की अपराधिक घटना होने पर काउंसलिग और संरक्षण प्रदान करने के लिए पीडि़त नाबालिग को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाने का प्रावधान है, लेकिन इस मामले में बाल कल्याण समिति को रविवार शाम की घटना होने के बाद भी सोमवार शाम छह बजे तक जानकारी तक नहीं दी गई।
- नाबालिग के संदर्भ में प्रकरण दर्ज होते ही काउंसङ्क्षलग, मेडिकल आदि की कार्रवाई के लिए पीडि़त को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाना चाहिए। इस संदर्भ में पुलिस को दिशा-निर्देश दिए हुए हैं, लेकिन पालना नहीं की जा रही है। पूर्व में भी कुछ प्रकरणों का पुलिस ने स्वयं के स्तर पर ही निस्तारण कर दिया गया।
ओम प्रकाश मेहता, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति