उपाधीक्षक हेमन्त गौतम ने बताया कि मृतका के दो बेटे केशरीलाल व हीरालाल हैं। दोनों गांव में ही अलग-अलग स्वयं के मकान में रहते हैं। मृतका भभूतीबाई (68) बड़े बेटे केशरीलाल के साथ ही रहती थी। आरोपी हीरालाल पर कुछ लोगों का कर्ज था। कर्जदारों का दबाव होने से वह स्वयं का मकान व खेत आदि बेचना चाहता था, लेकिन मां का कहना था मेहनत मजदूरी कर कर्ज चुकता कर। इससे कुछ दिनों पहले हीरालाल मजदूरी करने के लिए परिवार समेत कोटा चला गया। इससे मां भभूतीबाई बड़े बेटे केशरीलाल के घर खाना खाती तथा रात सोने के लिए हीरालाल के मकान पर रखवाली के तौर पर आ जाती थी। घटना की रात भी मां खाना खाकर उसके मकान पर आई थी।