विद्यालय सूत्रों ने बताया कि चार साल से यहां प्रधानाध्यापक नहीं है। इतिहास व राजनीतिक विज्ञान के व्याख्याता के पद ढाई साल से रिक्त हैं। गणित विषयाध्यापक शुरू से ही नहीं है, जबकि अंग्रेजी व विज्ञान विषय को पढाने वाले शिक्षक भी ढाई साल से नदारद है। एक दर्जन रिक्त पदों के कारण भगवान भरोसे चल रहे शिक्षण व्यवस्था से आक्रोशित छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने स्कूल खुलने के साथ ही तालाबंदी कर दी और नारेबाजी करते हुए मुख्य सडक पर जाम लगाकर यातायात रोक दिया। जिसमें बच्चों एवं अभिभावकों ने अधिकारियों के वहां आकर रिक्त पद भरने के लिए आश्वस्त करने की मांग रखी। बाद में सूचना पर हरनावदाशाहजी पुलिस एवं छीपाबडौद से मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दिनेश भार्गव, अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी भगवती प्रसाद, नायब तहसीलदार योगेंद्र त्रिवेदी ने पहुंचकर ग्रामीणों से समझाइश की। सीबीओ का कहना था कि पूरे ब्लॉक में रिक्त पदों की समस्या है। रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति के प्रयास का आश्वासन देने के बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया।