बारां. प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही जिले में राजनीतिक स द्यरगर्मियां जोर पकडऩे लगी हैं। चुनावी साल में विधायकों ने फंड का पिटारा खोल दिया है। अब आचार संहिता लगने से पहले मतदाताओं की मांग पर विधायक धड़ाधड़ घोषणाएं कर रहे हैं। विधायक कोष से मिलने वाली राशि से कार्य कराने में जिले के चारों विधायकों को इस सरकार के कार्यकाल में 1925 लाख रुपए मिले हैं। इनमें सर्वाधिक राशि 1856.74 लाख रुपए किशनगंज विधायक निर्मला सहरिया ने विकास पर खर्च करने की अनुशंसा की है। जबकि इसी अवधि में अन्ता के विधायक व खान एवं गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया 1350.57 लाख की लागत के कामों की अनुशंसा की है। लेकिन भाया ने उनके विधानसभा क्षेत्र में कई बड़े कार्य बजट में मंजूर कराए हैं।
बारां-अटरू और छबड़ा क्षेत्र में भी हुए काम
बारां-अटरू विधायक पानाचंद मेघवाल ने वर्ष 2019-20 से वर्ष 2023 तक 1689.76 तथा छबड़ा विधायक प्रतापसिंह सिंघवी ने 1809.30 लाख रुपए के कार्य विधायक कोष से अनुशंसित किए हैं। मंत्री भाया ने 226, विधायक मेघवाल ने 314, ङ्क्षसघवी ने 355 तथा विधायक सहरिया ने 304 कामों की अनुशंसा की है। सिंघवी ने चुनावी साल में 143 काम के लिए तय राशि 500 लाख रुपए से अधिक 506 के काम की अनुशंसा की है, जो बजट से जयादा है। हालांकि इनमें से 476.75 लाख के 134 कार्य ही स्वीकृत हुए हैं।
जितने की अनुशंसा, उतने ही हुए स्वीकृत
सूत्रों के अनुसार सभी चारों विधायकों ने जितने कामों की अनुशंसा की है, वे सभी स्वीकृत किए गए हैं। विधायकों ने कोष से कार्य स्वीकृत करने में नियमों की पालना की है।
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