30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पहले उछालते हैं फिर मार देते हैं यह …ऐसी हिंसा तो पहले नहीं देखी होगी आपने

आवारा घूमने वाले मवेशी अब हिंसक होने लगे हैं। इनकी हिंसा का शिकार एक मंत्री तक हो चुके हैं। शुक्र है वह बच गए...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बारां

•

image

Shiv Bhan Singh

•

Updated: 22 Nov 2017, 5:26 PM IST

death on road accident by animals,death on accident by animal in baran,accident by animals,death cause by animals,animals on road,animals on highways,rajasthan patrika,baran patrika,baran latest news,

animal fight

ऐसी हिंसा तो पहले नहीं देखी होगी आपने बारां जिले में आवारा घूमने वाले मवेशी अब हिंसक होने लगे हैं। इनकी हिंसा का शिकार एक मंत्री तक हो चुके हैं। शुक्र है वह बच गए लेकिन अब यह हादसे जानलेवा साबित हो रहे हैं। नगरपरिषद क्षेत्र की भीतरी व बाहरी सड़कों पर आवारा पशुओं के जमावड़े ने लोगों का चैन छीन लिया है। हालात अब दिन-ब-दिन बदतर होने लगे हैं। छोटे -मोटे हादसे आम हो गए तो दुघर्टनाओं में लोागें व मूक पशुओं के घायल होने की वारदातें भी बढऩे लगी है। ये पशु हिंसक होने लगे हैं तो कुछ लोग भी हिंसा का सहारा लेकर इन पशुओं पर धारदार हथियारों से वार करने से नहीं चूक रहे। शहर में बड़ी संख्या में लोग पशुओं का पालन कर रहे हैं, लेकिन यह सुबह व शाम को उनका दूध दूहने के बाद बाजारों में छोड़ देते हैं। यह पशु अरसे से आम लोगों के बड़ी परेशानी का सबब बन रहे हैं। रही-सही कसर शहर के प्रमुख इलाकों में हरा चारा बेचने वाले लोग पूरी कर रहे हैं। चारा बिक्री केन्द्रों के आसपास सुबह से दोपहर तक 'धर्म करने वाले दानियों की आवाजाही रहती है। उनके द्वारा सड़कों पर चारा डालने से कुछ सड़कों से पैदल निकलना व वाहन निकालना खासा मुुश्किल होता है।

Read more :बच के रहना रे बाबा.. बच के रहना रे...

यह समझ रहे न वो मान रहे
पशु या धर्मप्रेमी मूक पशुओं को चारा खिलाने के दौरान इस बात का जरा भी ध्यान नहीं रखते कि उनका यह दान-पुण्य दूसरों के जीवन पर भारी पड़त सकता है। तो पशुपालकों को दूध के सिवा ऐसे पशुओं से कोई वास्ता ही नहीं रहता है। वे सुबह व शाम को ही इन पशुओं की देखभाल करते हैं।
फिर कोसते है नगर परिषद को ऐसे पशुओं से यातायात व्यवस्था भी खासी प्रभावित हो रही है। इससे अदने से लेकर आला अधिकारी व जनप्रतिनिधि तक भली भांति परिचित है। इसके बाद भी नगरपरिषद की ओर से आवारा मवेशियों को सड़कों से हटाने के लिए गंभीरता से प्रयास नहीं किए जा रहे है। हालांकि शहर की विभिन्न प्रमुख समस्याओं के साथ इस समस्या
को लेकर भी पूर्व में कई बार बैठकों में चर्चाएं हुई, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा।

Read more : कागजों में एक,हकीकत में दो जानिए कैसे?...

प्रभारी मंत्री वर्मा भी बचे थे बाल-बाल
फोरलेन पर जिले के प्रभारी मंत्री बाबूलाल वर्मा की कार तक कोटा-बारां के बीच हाइवे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। गत 16 अक्टूबर को कस्बाथाना थाना क्षेत्र में देवरी पेट्रोल पम्प के समीप गाय को बचाने के प्रयास में कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कार में सवार रेलवे कर्मचारी जितेन्द्र बहादुर सिंह, उसकी पत्नी, पुत्र, पुत्र वधु व पोत्र दीपावली मनाने कोटा से पैतृक गांव जौनपुर (यूपी) जा रहे थे। अचानक गाय सामने आने से चालक का संतुलन बिगड़ गया। इससे चालक समेत परिवार के पांचों लोग घायल हो गए। यह तो बानगी भर है। इस तरह के कई मामले होते रहते हंै।