वहीं, 15 दिन बाद ये जिम्मेदारियां दूसरे विद्यार्थी को संभला दी जाती हैं। विद्यार्थी बैंक से पैसे निकालते हंै तथा स्टेशनरी खरीददते हैं। आज बैंक की ग्रोथ 10,000 रूपए है। समय-समय पर बालकों द्वारा पैसे जमा भी किए जाते हैं। इस प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थी बैंक की कार्यप्रणाली से अवगत होकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। इस अनूठी पहल से बच्चों में गणित सीखने की रुचि जागृत हो रही है। इसका श्रेय स्कूल के शिक्षक जगदीश मालव, रामस्वरूप बागड़ी, रामबिलास भील, राजेंद्र भील, अनिता भील आदि को जाता है।