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आधा सावन बीता, फिर भी दामन रीता

बारां. मानसून की बेरुखी ने जिले के लोगों की परेशानी बढ़ा रही है, जिले के अधिकांश बांध व तालाब अभी रीते हैं।
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बारां

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Ghanshyam Dadhich

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Updated: 28 Jul 2023, 5:16 PM IST

आधा सावन बीता, फिर भी दामन रीता

आधा सावन बीता, फिर भी दामन रीता

बारां. मानसून की बेरुखी ने जिले के लोगों की परेशानी बढ़ा रही है, जिले के अधिकांश बांध व तालाब अभी रीते हैं। जिले में कुल 18 बांध व तालाब हैं, जिनसे किसानों को रबी की फसलों के पलेवा व सिंचाई के लिए पानी मिलता है, लेकिन अभी इनमें दो-तीन बांध ही गले तक भरे हैं। मानसून के सक्रिय नहीं होने से खरीफ की फसलों पर तो संकट गहराने ही लगा है, किसानों की चिंता अब रबी की फसलों की बुवाई व सिंचाई को लेकर अधिक है।

कई क्षेत्रों में सोयाबीन मांग रही पानी
जिले के कई क्षेत्रों में एक पखवाड़े से बारिश नहीं होने से सोयाबीन समेत खरीफ की अन्य फसलें कुम्हलाने लगी है। इन क्षेत्रों में बांध व तालाबों से नहरों में जल प्रवाह शुरू करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी इन बांध व तालाबों से रबी की फसलों के लिए ही पानी देने के प्रावधान का हवाला देते हुए कह रहे है कि अभी इनमें पानी की इतनी आवक भी नहीं हुई कि जलप्रवाह शुरू किया जा सके।

गोपालपुरा, अहमदी व उम्मेदसागर ही भरे
जिले में कुल 18 छोटे, बड़े तालाब व बांध हैं, जिनसे सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होता है। इनमें अभी गोपालपुरा, अहमदी व उम्मेदसागर डेम में ही पानी की पर्याप्त आवक हुई है। लेकिन इनके वेस्ट वियर से कम ही मात्रा में पानी बह रहा है। शेष 16 तालाब व बांधों में पानी की बहुत ही कम मात्रा में आवक हुई है। आमतौर पर जुलाई माह में जिले के सभी तालाब व बांध छलक जाते हैं। बैथली बांध का पानी छबड़ा थर्मल पावर प्लांट के उपयोग में आता है तो छीपाबड़ौद क्षेत्र के ल्हासी डेम से छीपाबड़ौद व छबड़ा समेत कई गांवों में पेयजल आपूर्ति की जाती है।

-जिले में अभी गोपालपुरा, उम्मेद सागर व अहमदी डेम ही भरे हैं। अब मानसून विभाग के पूर्वानुमान के तहत अगस्त माह में पर्याप्त बारिश होगी, तब सभी बांध व तालाब भर जाएंगे। फिलहाल जल संगम समितियों की ओर से पानी छोड़ने को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली है।

-पीसी मीना, अधिशासी अभियंता, जल संसाधन विभाग

.......................................................................बांध, तालाब भराव क्षमता शुक्रवार तक आवकल्हासी 6 मीटर 2.65 मीटर

गोपालपुरा 8.15 मीटर 8.18 मीटर
बैथली 9.60 मीटर 5.25 मीटर

बिलास 8.10 मीटर 5.80 मीटर
उम्मेदसागर 10.07 मीटर 10.05 मीटर

हिंगलोट 6.70 मीटर 4.40 मीटर
इकलेरा सागर 5.79 मीटर 5.18 मीटर

रातई 6.10 मीटर 4.72 मीटर
कालीसोत 5.18 मीटर 2.07 मीटर

छत्रपुरा 3.51 मीटर 1.37 मीटर
उतावली 5.61 मीटर 3.18 मीटर

खटका 4.28 मीटर 2.05 मीटर
नारायणखेड़ा 5.16 मीटर 3.80 मीटर

महोदरी 3.51 मीटर 2.71 मीटर
नाहरगढ़ 2.44 मीटर 0.36 मीटर

सेमलीफाटक 5.00 मीटर 2.60 मीटर
अहमदी 2.81 मीटर 2.86 मीटर

फलिया 6.02 मीटर 3.40 मीटर