
patrika
सचमुच यहां डेंगू रिवर्स शॉट मारने की स्टाइल में खेल रहा है। डेंगू के शॉट सभी को हतप्रभ कर रहे हैं। बारां जिले में अब तक सैकड़ों लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। डेंगू कई लोगों की जान भी ले चुका है। कुछ दिनों से चिकित्सा विभाग इसके चले जाने की घोषणाएं कर रहा था लेकिन यह बार-बार पलट कर और मजबूती से आक्रमण कर रहा है। शनिवार को मांगरोल की प्रसूता गायत्री प्रजापति की मौत हो गई । विडंबना है कि डेंगू की वजह से गायत्री के पेट में पल रहे बच्चे को भी नहीं बचाया जा सका था।
Read more : पिता को पेट दर्द हुआ और वह बन गया इंजीनियर
217 लोगों को डेंगू पॉजीटिव
बारां. जिले में मौसमी बीमारियों में कमी आने की बात भले ही जोर शोर से की जा रही है, लेकिन डेंगू का दंश पीछा नहीं छोड़़ रहा है। यहां वर्तमान में भी आए दिन डेंगू के रोगी सामने आ रहे है। डेंगू रोगी की प्लेटलेट्स में गिरावट आने तथा उसके बाद मृत्यु तक होने का भय लोगों में बरकरार है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छर के लार्वा को समाप्त करने के लिए नियमित रूप से एंटी लार्वा गतिविधियां कराने की बात कही जा रही है, लेकिन रोगियों की संख्या में कमी नहीं आ रही है। बीते चार माह के सीजन के दौरान अब तक जिले में करीब 217 लोगों को डेंगू पॉजीटिव पाया गया है। अब तो पिछले दो सप्ताह से लगातार 18-18 रोगी चिन्हित हो रहे हैं।
Read more : मसाला पीसने की मूसली से बना दिया माथे का मसाला,तब तक मारता रहा जब तक दम नहीं टूटा
एक माह में सौ नए रोगी मिले
स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू की रोकथाम को लेकर कहने को तो काफी प्रयास किए, लेकिन प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं हुई। इससे जिले के कुछ क्षेत्रों में अभी भी अक्टूबर माह जैसी ही स्थिति बनी हुई है। हालांकि शहर में एक साथ एक दर्जन टीमों को लगाया गया तो शहर में इसके सकारात्मक परिणाम भी आए हैं। अब इसी तरह के प्रयास अधिक रोगी मिलने वाले क्षेत्रों में करने की आवश्यकता है। सितम्बर माह 9 सितम्बर तक डेंगू के 24 रोगी चिन्हित हुए थे। यहां अंकुश नहीं लगा तो 23 अक्टूबर तक 102 रोगी हो गए थे। इसके बाद करीब एक माह में सौ नए रोगी आ गए तो 25 नवम्बर तक इसका आंकड़ा 217 तक पहुंच गया।
& -जिले में डेंगू की प्रभावी रोकथाम को लेकर एक बार विशेष सघन अभियान शुरू किया जाएगा। इस संदर्भ में कुछ दिन पूर्व बैठक में भी दिशा-निर्देश दिए गए थे। जिले में एक डेंगू रोगी की पूर्व में मृत्यु हुई थी। इसके बाद रविवार को कोटा में निजी चिकित्सालय में एक रोगी की मृत्यु होने की सूचना मिली है, लेकिन उसे एसएन-वन पॉजीटिव था। एलाइजा जांच नहीं हुई। इस मामले में सोमवार को ओर जानकारी की जाएगी।
डॉ. बृजेश गोयल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बारां
Published on:
27 Nov 2017, 3:59 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.