करीब 200 बीघा के क्षेत्रफल में फैले इस बाग में आज भी हजारों की तादाद में कदंब के पेड़ हैं। बारिश के दिनों में इनकी महक से 4-5 किलोमीटर दूर तक का इलाका महकता है। इसके अलावा इस बाग में बड़ी संख्या में बिल्व पत्र, छोळा, आमली, शमीपत्र, बड़, पीपल, नीम, सहित कई प्रजातियों के पौधे इस भाग को छोटे जंगल का स्वरूप प्रदान करते हैं। यहां पर नीलगाय सहित और भी कई वन्यजीवों का रहवास है। बगीचे के मध्य होकर निकल रही एक पगडंडी ने यहां की सुंदरता को चार चांद लगा रखे हैं।