वाहनों की गति पर पूरी तरह ब्रेक लग गया था। हेडलाइट जलाने के बाद भी वाहन रेंग-रेंगकर चल रहे थे। कुछ भारी वाहन चालकों ने अपने वाहनों को सड़क किनारे बने होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट आदि पर खड़ा कर दिया। कोहरे की दृश्यता बढऩे पर ही वह अपने वाहनों को लेकर गंतव्य की ओर रवाना हो सके। ठंड से बचाव के लिए लोग हीटर,लकड़़ी व कोयला आदि जलाकर सेंकते रहे। कस्बे के मुख्य चौराहे पर अलाव जलते रहे।