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हार के बाद हल्ला बोल,यह निशानी है अनुशासित पार्टी की …भाजपा की हो रही छिछालेदारी

भाजपा में अब हल्ला मचने लगा है। निष्ठावान कार्यकर्ता पार्टी के दिग्गजों को कोस रहे हैं तो दूसरी ओर गुटबाजी फिर से परवान चढऩे लगी है।
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बारां

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Shiv Bhan Singh

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Updated: 22 Dec 2017, 5:57 PM IST

अधिकारियों की बैठक कर कोटा पहुंची मुख्यमंत्री

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बारां. नगर परिषद के बुधवार को हुए सभापति के चुनाव में मिली करारी हाल से भाजपा में अब हल्ला मचने लगा है। समर्पित व निष्ठावान कार्यकर्ता पार्टी के दिग्गजों को कोस रहे हैं तो दूसरी ओर गुटबाजी फिर से परवान चढऩे लगी है। चुनाव में भितरघात से आहत कई पार्टी के वरिष्ठ नेता इस दौर में चुप्पी साधे हुए हैं। भाजपा के कई नेताओं व कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब स्पष्ट था कि सभापति का चुनाव जीतने के लिए पर्याप्त संख्याबल नहीं था। इसके बावजूद कुछ दिग्गजों ने अपने खेमे बना लिए। जोड़तोड़ के फेर में इन्होंने अपने ही पार्षदों को उपेक्षित कर दिया। तीन पार्षदों ने तो क्रॉस वोटिंग पार्टी की नीति व सिद्धान्तों को ताक में रख दिया। पार्टी के यह हालात ठीक नहीं है। अब एक वर्ष से भी कम समय में प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने है।
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प्रजापति समाज का शोषण
अखिल भारतीय कुम्भकार महासंघ की जिला स्तरीय बैठक में गुजरात चुनाव के दौरान समाज के नाम पर दिए बयान व बारां नगरपरिषद में भाजपा के तीन पार्षदों पर भितरघात का विरोध जताया है। जिला महामंत्री महेन्द्र प्रजापति ने बताया कि जिला स्तरीय बैठक की अध्यक्षता देवकिशन प्रजापति जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय कुम्भकार महांसघ ने की। उन्होने कहा कि भाजपा के द्वारा प्रजापति समाज का शोषण किया जा रहा है । समाज को उपेक्षित तरीके से देखा जा रहा है। बैठक में सैकड़ों लोग मौजूद थे।

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वरिष्ठ भाजपा नेता व नगर परिषद के पार्षद प्रेमनारायण सोनी ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा कि वे पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं। जनसंघ से शुरू हुआ राजनीतिक सफर निर्बाध रूप से जारी रहेगा, पार्टी छोडऩे की बात सोच भी नहीं सकता। बुधवार को नगर परिषद के सभापति चुनाव में वोट नहीं डालना उनकी विवशता थी। उन्हें पता था कि चुनाव में क्रॉस वोटिंग होगी और लोग मेरी निष्ठा पर भी सवाल उठाएंगे। पार्टी में सभापति पद के लिए मेरी वरिष्ठता को दरकिनार किया जाना दुखद है।