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सतर्कता से रंग लाए प्रयास, साइबर ठगों ने 15 लाख रुपए लौटाए

देवीशंकर ने अक्टूबर 2023 में मुकदमा दर्ज कराया था। इस पर पुलिस ने जनवरी 2024 मेें दो आरोपियों विकास कुमार, पुनित कुमार को गिरफ्तार किया था। इनकी गिरफ्तारी होने के बाद शातिर सकते में आ गए। इनके रिश्तेदारों ने बंदोबस्त कर उनके खाते में पहुंचे 8 लाख वापस लौटाए।

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बारां

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Mukesh Gaur

May 12, 2025

देवीशंकर ने अक्टूबर 2023 में मुकदमा दर्ज कराया था। इस पर पुलिस ने जनवरी 2024 मेें दो आरोपियों विकास कुमार, पुनित कुमार को गिरफ्तार किया था। इनकी गिरफ्तारी होने के बाद शातिर सकते में आ गए। इनके रिश्तेदारों ने बंदोबस्त कर उनके खाते में पहुंचे 8 लाख वापस लौटाए।

देवीशंकर ने अक्टूबर 2023 में मुकदमा दर्ज कराया था। इस पर पुलिस ने जनवरी 2024 मेें दो आरोपियों विकास कुमार, पुनित कुमार को गिरफ्तार किया था। इनकी गिरफ्तारी होने के बाद शातिर सकते में आ गए। इनके रिश्तेदारों ने बंदोबस्त कर उनके खाते में पहुंचे 8 लाख वापस लौटाए।

बारां. कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देकर लाखों की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर थाना पुलिस की मेहनत रंग लाई। पुलिस के प्रयासों से शातिर ठगों ने ठगी की गई 15 लाख की राशि वापस लौटा दी। बारां जिले के फतेहपुर गांव निवासी अध्यापक देवीशंकर नागर से शातिर ठगों ने ऑनलाइन 20 लाख 65 हजार 226 रुपए की ठगी की थी। इसमें से 15 लाख की राशि वापस पीडि़त को दिलाकर बड़ी सफलता प्राप्त की है।

रिश्तेदारों ने बंदोबस्त कर दी रकम

देवीशंकर ने अक्टूबर 2023 में मुकदमा दर्ज कराया था। इस पर पुलिस ने जनवरी 2024 मेें दो आरोपियों विकास कुमार, पुनित कुमार को गिरफ्तार किया था। इनकी गिरफ्तारी होने के बाद शातिर सकते में आ गए। इनके रिश्तेदारों ने बंदोबस्त कर उनके खाते में पहुंचे 8 लाख वापस लौटाए। फिर आरोपी देवांश सक्सेना व उसके पिता संजीव सक्सेना के रिश्तेदार बंदोबस्त करने में जुटे तथा दोनों पिता-पुत्र के खातों में गए 7 लाख की राशि चैक देकर वापस लौटाई। इस तरह 20.65 में से 15 लाख की राशि पीडि़त अध्यापक को वापस मिल गई। इसके बाद संजीव सक्सेना का न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई। फिलहाल वह जमानत पर है, लेकिन प्रकरण में आरोपी है।

इस तरह मिली खुशी

पीडि़त देवीशंकर नागर ने बताया कि प्रकरण में शामिल पांच आरोपी थे। इनमें से दो को पूर्व में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 5 मई 2025 को सोनी खातून उर्फ टीया खान (29) निवासी बलिया जिला सिवान बिहार हाल बरौला गाजियाबाद (यूपी) व देवांश सक्सेना को गिरफ्तार किया गया। 5वां आरोपी संजीव जमानत पर है। ठगी की राशि में से 15 लाख की राशि उन्हें मिल गई है। शेष राशि आरोपी लड$की सोनी उर्फ टीया खान के बैंक खाते में गए थे। वह राशि नहीं मिली है, लेकिन यह राशि भी मिलने की उम्मीद है। फिलहाल चारों आरोपी जेल में है। देवींशकर ने साइबर पुलिस टीम की सराहना करते हुए बताया कि कई बार पुलिस टीम को जिले से बाहर जाना पड़। टीम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौघरी के सुपरविजन में साइबर थाना प्रभारी अशोक चौधरी, हैड कांस्टेबल सुकेन्द्र ङ्क्षसह, दिग्विजय ङ्क्षसह, कांस्टेबल लक्ष्मण, दिलीप कुमार, करतार ङ्क्षसह, हुकम ङ्क्षसह, दीपेन्द्र ङ्क्षसह व महिला कांस्टेबल रानी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय साइबर सेल प्रभारी एएसआई जगदीश चन्द्र शर्मा शामिल थे।

ठगी के रुपयों से जी रहे थे लग्जरी लाइफ

पुलिस सूत्रों ने बताया कि गाजियाबाद निवासी विकास कुमार, पुनित कुमार, देवांश सक्सेना उसका पिता संजीव सक्सेना व सोनी खातून उर्फ टीया खान का गिरोह गाजियाबाद यूपी से देशभर में लोगों से ठगी करने का नेटवर्क चलाते थे। इन्होंने गाजियाबाद में ठगी का ऑफिस भी चला रखा था तथा ठगी के पैसों महंगे मोबाइल, होटलों में खाना पीना कर लग्जरी लाइफ गुजार रहे थे। इन्होंने पीडि़त देवीशंकर से जून 2022 में कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देकर किश्तों में 20 लाख 65 हजार 226 रुपए की ठगी की थी।

चार आरोपियों गिरफ्तार कर लिए है। उनसे पीडि़त को रकम भी दिलाई गई है। आरोपियों को पकडऩे ओर रकम वापस दिलाने के लिए टीम ने अच्छे प्रयास किए। पीडि़त ने भी पुलिस पर विश्वास रखते हुए धैर्य रखा। इससे सफलता मिली।

अशोक चौधरी, कार्यवाहक साइबर थाना प्रभारी