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सरसों के दाने के दम से धरतीपुत्र भूल रहे गम

जिले में अब सरसों की कटाई व थ्रेसिंग जोर पकडऩे लगी है, इसके मार्च माह के प्रथम सप्ताह तक पूरी होने की उम्मीद है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब तक डांग क्षेत्र (पहाड़ी इलाके) में थ्रेसिंग का कार्य पूरा होने को है।
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बारां

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Ghanshyam Dadhich

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Updated: 11 Feb 2023, 7:26 PM IST


बारां. पूर्व में खरीफ में अतिवृष्टि से हुए फसल खराबे के बाद अब रबी में सरसों के अच्छे उत्पादन से किसानों की बांछें खिलने लगी है। जिले में अब सरसों की कटाई व थ्रेसिंग जोर पकडऩे लगी है, इसके मार्च माह के प्रथम सप्ताह तक पूरी होने की उम्मीद है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब तक डांग क्षेत्र (पहाड़ी इलाके) में थ्रेसिंग का कार्य पूरा होने को है। जबकि अन्य क्षेत्रों में कटाई शुरू हो गई है। जिले में इस वर्ष 1 लाख 49 हजार 885 हैक्टेयर क्षेत्रफल में सरसों की बुवाई हुई है। जिले में सरसों का उत्पादन 24 क्विंटल प्रति हैक्टेयर रहने का अनुमान है। ऐसे में जिले में सरसों का कुल उत्पादन 3 लाख 60 हजार मीट्रिक टन के आसपास रहेगा। प्रति बीघा तीन से चार क्विंटल तक उत्पादन रहने से किसानों की उम्मीदें अब परवान चढऩे लगी है। अब यदि एक पखवाड़े में मौसम सामान्य रहा तो सरसों ही नहीं गेहूं व चना भी किसानों की झोली भरेंगे। लहसुन उत्पादक किसान भी मौजूद मौसम को फसल के अनुकूल बता रहे हैं, लेकिन जिले में गत दिनों चली शीत लहर से धनिया की फसल किसानों को निराश कर गई। हालांकि जिले में इस वर्ष 11 हजार 800 हैक्टेयर में ही धनिया की बुवाई हुई है।
मुफीद है दिन की गर्मी और रात की सर्दी
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इनदिनों दिन में गर्मी व रात को सर्दी का असर रह रहा है, जो सभी फसलों के लिए अनुकूल है। चना व गेहूं के उत्पादन के लिए यह मौसम खासा मुफीद रहता है। इससे गेहूं व चना का उत्पादन बढ़ेगा। हालांकि गर्मी के तेवर दिन में अब तीखे होने से चने में गेहूं के पकाव के प्रक्रिया भी कुछ दिनों बाद शुरू हो जाएगी।
मौसम विभाग भी दे रहा शगुन के संकेत
मौसम विभाग ने अभी तक आने वाले दिनों में मौसम सामान्य रहने का पूर्वानुमान जताया है, लेकिन किसानों में फिर भी बेचैनी है। वर्ष 2014 में 22 व 23 फरवरी को जिले में ओलावृष्टि हुई थी। इससे सभी फसलें चौपट हो गई थीं। ऐसे में किसान वाले वाले दिनों में मौसम के सामान्य रहने की दुआ कर रहे हैं।
-सरसों का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष बढ़ा है। मार्च के प्रथम सप्ताह में जिले के सभी क्षेत्रों में सरसों की कटाई व थ्रेसिंग का कार्य पूरा हो जाएगा। गेहूं व चना में किसी प्रकार की कीट-व्याधि नहीं है। इस वर्ष रबी की सभी फसलों की उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद है।
-अतीश कुमार शर्मा, उपनिदेशक कृषि विस्तार