डीएम ने अपने कैम्प कार्यालय में इस सन्बंध में एक समीक्षा बैठक की जिसमे मुख्य विकास अधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, कृषि रक्षा अधिकारी अर्चना, उप कृषि निदेशक अशोक कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी धीरेन्द्र सिंह चौधरी तथा सचिव सहकारी गन्ना समिति गीतेन्द्र सिंह मौजूद थे। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि टिड्डियों के हमले से बचाव के लिए क्लोरोपाइसिफास समेत मैलाफियान, फिप्रोनिल आदि रसायनों का स्टॉक कर लिया जाए। उन्होंने क्रषि विभाग को निर्देशित किया कि निजी विक्रेताओं के पास भी समुचित मात्रा में रसायनों का भंडारण को सुनिश्चित कर लिया जाए। बैठक में उन्हें अवगत कराया गया कि वर्तमान में गन्ना विभाग के पास 4250 लीटर क्लोरोपाइरिफास का स्टॉक है। चीनी मिलों के पास भी 3000 लीटर रसायन मौजूद है। जिलाधिकारी ने ये भी निर्देश दिए कि कृषि विभाग अपने फील्ड के कर्मचारियों को अलर्ट करे कि वे गांवों में किसानों को इस बारे में जागरूक करें कि सतर्कता से टिड्डी दलों को भगाया जा सकता है और किसी भी प्रकार के भय में किसान न आएं जिला प्रशासन ने इस सम्बंध में व्यापक स्तर पर तैयारी कर ली है।