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निदा खान की भाजपा में जाने की अटकलें तेज, मंत्री से की मुलाकात

निदा खान को पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
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बरेली

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Bhanu Pratap Singh

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Updated: 8 Aug 2018, 5:47 PM IST

nida khan

निदा खान की भाजपा में जाने की अटकलें तेज, मंत्री से की मुलाकात

बरेली। तीन तलाक पीड़ित महिलाओं के हक की लड़ाई लड़ रही हजरत हेल्पिंग सोसाइटी की अध्यक्ष निदा खान भारतीय जनता पार्टी में जा सकती है। निदा खान ने देहरादून जाकर उत्तरखंड सरकार में मंत्री रेखा आर्या से मुलाकात की है। बताया जा रहा है कि रेखा आर्या ने निदा खान की बात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से कराई है। सूत्रों के अनुसार निदा खान को पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। इस मामले पर निदा का कहना का कहना है कि उनके पास प्रस्ताव आया है ।

सुर्खियों में आई निदा

अपने शौहर आला हजरत खानदान के सदस्य शीरान रज़ा के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही निदा ने पिछले कुछ महीनों से तलाक पीड़ित महिलाओं को इन्साफ दिलाने की मुहीम शुरू की है। इस मुहीम के चलते निदा खान भारतीय जनता पार्टी की नजरों में आई और निदा को अब राजनैतिक प्लेटफार्म देने की पेशकश की गई है। वैसे इसकी भूमिका तो पहले ही बन चुकी थी लेकिन हाईकमान के निर्देश पर निदा खान को देहरादून बुलाया गया जहाँ निदा खान की मुलाकात उत्तराखंड सरकार में मंत्री रेखा आर्या से हुई। बताया जा रहा है कि 12 अगस्त को मेरठ में होने वाली अमित शाह की रैली में निदा खान की मुलाक़ात अमित शाह से कराई जाएगी।

पति के खिलाफ लड़ रही कानूनी लड़ाई

निदा खान आला हजरत खानदान की बहु है लेकिन उनको पति ने तलाक दे दिया था जिसके बाद वो अपने मायके में रह रही है और पति के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही है। निदा खान ने तलाक पीड़ित महिलाओं के लिए आला हजरत हेल्पिंग सोसाइटी नाम की संस्था बनाई है। जिसके बैनर तले निदा खान तलाक, बहु विवाह और हलाला के खिलाफ जंग लड़ रही है।

इस्लाम से किया जा चुका है खारिज

शहर इमाम मुफ़्ती खुर्शीद आलम ने दरगाह आला हजरत पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि निदा का हुक्का पानी बन्द कर दिया गया है। मुफ़्ती खुर्शीद आलम ने कहा था कि निदा की मदद करने वाले, उससे मिलने जुलने वाले मुसलमानों को भी इस्लाम से खारिज किया जाएगा। निदा अगर बीमार हो जाती है तो उसको दवा भी नही दी जाएगी, निदा की मौत पर जनाजे की नवाज पढ़ने पर भी रोक लगा दी गई है। इतना ही नही निदा के मरने पर उसे कब्रिस्तान में दफनाने पर भी रोक लगा दी गई है।

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