
21 को जिला जज कोर्ट तय करेगी कौन करेगा मौलाना की सुनवाई
जिला जज मौलाना तौकीर के एक साथी शहजादे की केस ट्रांसफर एप्लीकेशन पर सुनवाई कर रहे हैं। जिला जज कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद मामले में 21 तारीख की सुनवाई तय की है। 21 को पता लगेगा कि मौलाना तौकीर का फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम रवि दिवाकर के न्यायालय से मुकदमा ट्रांसफर होगा कि नहीं। इस मामले में मौलाना ने हाईकोर्ट का भी रुख किया है, लेकिन अभी तक किसी कोर्ट से मौलाना तौकीर को राहत मिलते नजर नहीं आ रही है।
2010 के दंगे के मुख्य मास्टर माइंड हैं मौलाना तौकीर
2010 के दंगे के मुख्य मास्टर माइंड मौलाना तौकीर को एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम रवि कुमार दिवाकर ने समन जारी कर 11 मार्च कोर्ट में तलब तलब किया था। मौलाना कोर्ट में हाजिर नहीं हुए तो 13 मार्च को एनबीडब्ल्यू जारी कर दिया। अब तक मौलाना के खिलाफ दो बार गैर जमानती वारंट जारी हो चुका है। कोर्ट ने एसएसपी को व्यक्तिगत तौर पर मौलाना को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। फरार मौलाना की गिरफ्तारी के लिए बरेली पुलिस की कुल 12 टीमें लगी हुई हैं। टीमें राजस्थान के अजमेर, जयपुर, भरतपुर समेत बंगाल, दिल्ली व आसाम में पुलिस तलाश कर रही है। वहीं आईएमसी के पदाधिकारी भी इस मामले में खामोश हैं। तमाम कोशिशों के बावजूद पुलिस मौलाना को गिरफ्तरा नहीं कर पाई है। 19 मार्च को एसएसपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करना था। अब इस केस की सुनवाई एक अप्रैल को होगी। कोर्ट कौन सा होगा। इसका पता 21 मार्च को लगेगा।
गिरफ्तारी का ऐलान करने वाला मौलाना अब घबराया, मोबाइल कभी ऑफ तो कभी ऑन
मुसलमानों का खुद को रहनुमा बताने वाले मौलाना शासन व प्रशासन पर गिरफ्तारी के लिए हुंकार भर रहे थे। गिरफ्तारी को लेकर सड़क पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दे रहे थे। वहीं मौलाना तौकीर अब पुलिस से छिपे छिपे घूम रहे हैं। मौलाना अंडरग्राउंड हो गया है और उसके गुर्गे भी खामोश हो गए हैं। मोबाइल खोलने तक में एतराज कर रहे हैं। पुलिस ने फरार मौलाना को मोबाइल सर्विलांस पर लगा रखा है। सूत्रों की माने तो मौलाना का मोबाइल खुल रहा है और 1-2 मिनट में ही बंद हो जा रहा है। नौ फरवरी 24 से पहले तक मौलाना मुसलमानों की भीड़ के साथ प्रशासन पर अपना रौब झाड़ते हुए गिरफ्तारी की मांग करते थे, वो मौलाना अब अपना मोबाइल तक गिरफ्तारी के डर से नहीं खोल पा रहा है। जो पूरी हुकूमत को हिलाने का ऐलान कर रहा था। सरकार और प्रशासन को धमका रहा था कि हमारे नौ जवान बेकाबू हो गए तो हमारी जिम्मेदारी नहीं है। मौलाना कहता था कि हमने चूड़ियां नहीं पहनी हैं। कोई हमे मारने आयेगा तो हम उसको ही मार डालेंगे। दो साल में मौलाना तौकीर ने सात बार बरेली के पुलिस प्रशासन को गिरफ्तारी का ऐलान कर छकाया, लेकिन पुलिस प्रशासन उसे गिरफ्तार करने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। अब कोर्ट के आदेश पर जब पुलिस गिरफ्तारी को हाथ पांव मार रही है तब मौलाना अंडरग्राउंड हो गया है। उसकी बोलती बंद हो गई है। एक माह से मौलाना का एक भी भड़काऊ बयान नहीं आया है। कोर्ट की गिरफ्तारी आदेश के बाद मौलाना तौकीर के के जहरीले नफरती बोल बोलने वाली जुबान पर ताला लग गया है।
Updated on:
19 Mar 2024, 2:50 PM IST
Published on:
18 Mar 2024, 4:34 PM IST
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