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पत्रिका इम्पेक्ट- खान बहादुर खान की मजार पर नगर निगम और जनसेवा टीम  ने की सफाई
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पत्रिका इम्पेक्ट- खान बहादुर खान की मजार पर नगर निगम और जनसेवा टीम ने की सफाई

पत्रिका पर खबर प्रकाशित होने के बाद जनसेवा संस्था और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और खान बहादुर खान की मजार के आस पास सफाई की।
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बरेली

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suchita mishra

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Updated: 14 Aug 2018, 4:39 PM IST

बरेली। आजादी की लड़ाई में रुहेलखंड क्षेत्र में अहम भूमिका निभाने वाले रुहेला सरदार खान बहादुर खान की मजार की बदहाली का मुद्दा पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया था। इस मामले में पत्रिका की ख़बर का बड़ा असर हुआ है। पत्रिका पर खबर प्रकाशित होने के बाद जनसेवा संस्था और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और खान बहादुर खान की मजार के आस पास सफाई की। जनसेवा टीम ने जेल रोड का नाम खान बहादुर खान के नाम पर रखने की मांग की और यहाँ पर एक बड़ा द्वार बनवाने की भी मांग की। सफाई करने पहुंचे पार्षद रईस ने कहा कि वो इसका प्रस्ताव नगर निगम को देंगे।

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सोमवार को किया था प्रकाशित

रुहेला सरदार खान बहादुर खान को फांसी देने के बाद अंग्रेजों ने उन्हें बेड़ियों में जकड़ कर जिला जेल के भीतर ही दफना दिया था। काफी कोशिशों के बाद उनकी मजार को जिला जेल से बाहर निकाला जा सका था। जेल यहां से शिफ्ट होने के बाद उनकी मजार की देखभाल करने वाला कोई नहीं बचा और मजार बदहाल हो चुकी है। मजार पर लाइट नहीं है, दरवाजे का शीशा भी टूटा हुआ है और मजार के आस पास झाड़ियाँ भी उग आई थी। इस मामले को पत्रिका ने मंगलवार को “जिस वीर से खौफ खाते थे अंग्रेज आजाद देश उसकी कोई कदर नहीं” शीर्षक से प्रकाशित किया था। खबर के बाद बरेली हज सेवा समिति के सदस्य मजार की सफाई करने पहुंचे साथ ही नगर निगम ने भी अपनी टीम भेज कर मजार के आस पास सफाई करवाई।

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ये हुई मांग

जनसेवा टीम के पम्मी वारसी ने बताया कि पत्रिका जरिए उन्हें इस बात की जानकारी हुई थी जिसके बाद वो अपनी टीम के साथ यहाँ आए और मजार पर सफाई अभियान चलाया गया। सफाई करने पहुंचे ई.अनीस अहमद खां ने कहा कि कल स्वतंत्रता दिवस हैं पर यहाँ कोई व्यवस्था नही हैं प्रशासन को इसकी देख रेख के लिये एक सफाई कर्मचारी, गार्ड के साथ साथ एक माली नियुक्ति करना चाहिये।पार्षद रईस मियां अब्बासी ने कहा कि जेल रोड पर शहीदे वतन खान बहादुर खान के नाम से एक द्वार बनना चाहिये और इस रोड का नाम भी उनके नाम पर हो। जनसेवा टीम के महासचिव डॉ.सीताराम राजपूत ने प्रशासन से मांग करते हुऐ कहा कि कम से कम यहाँ चार पांच हाई-माक्स लाइटे लगवा दे ताकि मक़बरे का अंधेरा तो दूर हो जाये।इस मौके पर जनसेवा टीम के पार्षद रईस मियां अब्बासी,सूफी वसीम साबरी,हाजी यासीन कुरैशी,कमाल मियां नासरी,आमिर उल्लाह आशु,रंजीत,सय्यद शब्बू मियां, दिलशाद साबरी,सत्तार हुसैन, ज़ाकिर हुसैन,मोहम्मद नबी,गुड्डू वारसी,इसराफिल खान आदि रहे।

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