
कमिश्नरी में मौजूद किसान (फोटो सोर्स: पत्रिका)
बरेली। सरकारी तंत्र की अनदेखी और भ्रष्टाचार से त्रस्त बरेली मंडल के किसानों ने सोमवार को कमिश्नरी पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने पंचायत कर प्रशासन को जमकर घेरा। बदायूं, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिलों से पहुंचे सैकड़ों किसानों ने अलग-अलग विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री संबोधित 17 मांगों का ज्ञापन कमिश्नर को सौंपा। उन्होंने जल्द समाधान करने का अश्वासन दिया है।
किसानों ने चेतावनी दी गई कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो 1 जुलाई से मंडल की सीमाएं बंद कर दी जाएंगी। पंचायत में किसानों ने कहा कि हर विभाग में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है। गरीब और हाशिए पर खड़े किसानों की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पंचायत में उठाए गए मुद्दे मुख्य रूप से जमीन पर कब्जा न दिलवाने, फर्जी मार्कशीट, बकाया भुगतान, खाद की किल्लत, बिजली विभाग की मनमानी, भूमि पर अवैध कब्जे और भू-माफियाओं की शिकायतों से जुड़े थे।
पंचायत में बदायूं जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव मुड़िया सतासी निवासी हरिराम ने बताया कि कोर्ट का आदेश होने के बावजूद भी उसे उसकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा नहीं दिलवाया गया। हरिराम ने एसडीएम बिसौली, सीओ बिसौली और थाना वजीरगंज प्रभारी पर कार्रवाई की मांग की।
पंचायत में खुसरो स्कूल के प्रबंधक शेर उसल जाफरी द्वारा छात्रों को फर्जी मार्कशीट देने और पैसे वापस न करने की शिकायत भी सामने आई। इसके अलावा बहेड़ी स्थित केसर शुगर मिल द्वारा गन्ना किसानों का बकाया भुगतान न होने, धान की रोपाई के समय डीएपी और एनपी खाद की भारी किल्लत को लेकर रोष जताया गया। इसी के साथ फतेहगंज पश्चिम के किसानों ने आरोप लगाया कि वैध कनेक्शन के बावजूद बिजली विभाग ने उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कर जुर्माना लगाया है। वहीं, फतेहगंज ब्लॉक के रसूला चौधरी गांव में भूमि विकास बैंक द्वारा किसानों पर लोन की रकम से 10 गुना वसूली का आरोप लगाया गया।
मीरगंज तहसील के होसेपुर गांव में धारा 67 लगाकर की गई आरसी की जांच, वहीं कानूनगो जगेंद्र पाल यादव और लेखपाल पर छात्र योगेंद्र कुमार का ईडब्लूएस प्रमाणपत्र न बनाने का आरोप लगाया गया। वहीं पीलीभीत की कलिनगर तहसील में 181 एकड़ सीलिंग की जमीन पर भू-माफियाओं द्वारा कब्जा किए जाने का मुद्दा भी पंचायत में उठा। किसानों ने प्रशासन से जमीन मुक्त कराने और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
अवारा पशुओं को गौशालाओं में भेजने, गौशालाओं की स्थिति की जांच, बरसात से पहले पशुओं का टीकाकरण और सरकारी नलकूप लगाने की मांगें भी रखी गईं। साथ ही किसानों ने बिजली के निजीकरण का कड़ा विरोध किया। किसानों ने प्रशासन को 1 महीने का समय दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि इस अवधि में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 1 जुलाई से बरेली मंडल की सभी सीमाएं बंद कर दी जाएंगी।
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Updated on:
23 Jun 2025, 2:13 PM IST
Published on:
23 Jun 2025, 2:13 PM IST
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