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चौधरी रामदान की घर-घर हों तस्वीर

किसान बोर्डिंग का वार्षिकोत्सव
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बाड़मेर

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Dileep Kumar Dave

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Updated: 16 Mar 2024, 12:46 AM IST

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बाड़मेर में प्रतिभा का सम्मान करते अति​थिगण।


चौधरी रामदान की 141वीं जयंती किसान छात्रावास में पूर्व केबिनेट मंत्री हेमाराम चौधरी के मुख्य अतिथ्य एवं बायतु विधायक हरीश चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि हेमाराम चौधरी ने कहा कि जो विचार करो उस मजबूत रहो मन को काबू रखना चाहिए। चौधरी रामदान मन को काबू में रखते थे, जिसकी बदौलत वे आज याद किए जाते है । उन्होंने कहा कि नशा जीवन का नाश करता है । नशे का त्याग करना चाहिए । आगे बढने के लिए मेहनत आवश्यक है। प्रतियोगी परीक्षा में सही अभ्यर्थी का चयन हो ताकि प्रतिभा के साथ धोखा न हो।

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रामदान ने किया किसानों को पेट भरने का संघर्ष
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि जिस समय हमारे पूर्वजों के पेट खाली थे, उस समय चौधरी रामदान ने किसानों के पेट भरने का संघर्ष किया। किसानों को टिनेक्सी एक्ट के माध्यम से किसानों को खेतों को खातेदारी का हक दिलाया । अब हमारी प्राथमिकता सरकारी नौकरी हो गई है जिसके कारण शार्ट कट के रास्ते अपनाए जा रहे है । संस्कारहीनता के कारण समाप्त हो रही पीढिय़ों पर चिन्ता व्यक्त करते हुए चौधरी ने कहा कि किसान छात्रावास ने सालों से संस्कार देने का कार्य किया । भीमराव अम्बेडकर महात्मा फूले एवं बाबा पैरियार से चौधरी रामदान की तुलना करते हुए कहा की उनकी तस्वीर पूजे जाने योग्य है । चौधरी रामदान एक व्यक्ति नहीं विचारधारा थे।

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सनातन धर्म को आगे बढ़ाने की कही बात
पन्नोणिया तला मठ के महंत जगरामपुरी महाराज ने सात्विक भोजन, वाणी पर बल दिया। उन्होंने सनातन धर्म को आगे बढ़ाने की बात कही ।
बाड़मेर विधायक डॉ.प्रियंका चौधरी ने कहा कि चौधरी रामदान की सोच थी कि किसान बोलना सीखे। किसान वर्ग के छात्रों की शिक्षा के लिए बोर्डिंग की स्थापना की। शिक्षा के साथ संस्कार बनाए रखना जरूरी है । संस्कार तथा चरित्र व्यक्तित्व निर्माण के महत्वपूर्ण आयाम है। हम जैसा सोचते है, वैसा ही बोलते है । शब्दों का इस्तेमाल सोच समझ कर करना चाहिए।

दानदाता नवलकिशोर गोदारा ने कहा कि समय सारणी बनाकर अध्ययन करें। नशे से दूर रहें । अच्छे लोगों की संगत में रहे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुमनाराम लेघा ,

प्रधानाचार्य सूरजमल जाखड़ ,
डॉ.एस.एस तेवतिया,

संस्थान के अध्यक्ष बलवंतसिंह चौधरी , सचिव डालूराम चौधरी , वार्डन नुकलाराम डूडी , हीरो बाना, ममता, जयप्रकाश, रामचन्द्र ने भी संबोधित किया। आभार प्रो. पी.आर चौधरी व संचालन डॉ जसवंतसिंह मायला एवं रमेश मिर्धा ने किया।
ये रहे उपस्थित

जोरसिंह सउ , रिड़मलसिंह दांता, चुुन्नीलाल माचरा, सोहनलाल भांभू, खरथाराम गोदारा, महेन्द्र जाणी, सूराराम जाणी ,व्यवस्थापिका अमृतकौर, सोनाराम के जाट, कॉमरेड खेताराम चौधरी, प्रकाश जोशी, नरसिंग सोलंकी, तोगाराम गोदारा, अमराराम गोदारा, पोकराराम सउ, खेताराम बेनिवाल, रेवन्तसिंह चौहान, रणछोड़दास काकड,़ राजेन्द्र कड़वासरा, नरेशदेव सारण, रमन सहारण एनआरआई, तारा चौधरी, गीता चौधरी, जोगेन्द्र बेनिवाल, जोगाराम सारण, वीरमाराम गोदारा, सेडूराम चौधरी, ललित सउ, खेताराम पालीवाल, हिमथाराम, तिलोकचंद गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।