Barmer News : देश की अंतिम सरहद लगातार अकाल व सूखे के कारण कभी काले पानी सजा मानी जाती थी, लेकिन अब जीरे की महक से गुलजार हो रही है। वहीं यहां सरसों के खेतों से धोरे सुहाने लग रहे हैं। जानकारी के अनुसार पिछले एक दशक से गडरा रोड, त्रिमोही, बांडासर, उतरबा, सरगीला, लालासर, करीम का पार, खानियानी, ओनाडा, खलीफा की बावड़ी, रावतसर, गिराब, आसाड़ी, आगासडी और कूबड़िया ग्राम पंचायतों के सैकड़ों गांवों में ट्यूबवेल से सिंचाई होने लगी है। भूगर्भीय परिवर्तन या सीमा पार से जल स्तर रिचार्ज होने से ऐसा संभव हुआ है। पाक के सिंध क्षेत्र और आस-पास के इलाके में सिंचित खेती होती है। ऐसे में भूगर्भ से रिसाव के कारण किसानों को मीठा पानी मिल रहा है।