पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जांच में आरोप प्रमाणित मानकर कोर्ट में चालान पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन ने कुल 25 गवाह परीक्षित करवाए तथा 49 दस्तावेज प्रदर्शित कराए। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी ओमप्रकाश, उसके भाई नानूराम व लूणाराम तथा रामप्रताप को आईपीसी की धारा 302, 325, 323, 427, 460, 459, 449, 148, 147 में दोषी करार देकर आजीवन कारावास तथा अर्थदण्ड से दण्डित किया।