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बाड़मेर. चिकित्सकों के सोमवार से सामूहिक इस्तीफे ने चिकित्सा महकमे की ङ्क्षचता बढ़ा दी है। रविवार को बाड़मेर जिले के लिए 35 प्रशिक्षुओं को बुला लिया गया है। 40 आयुष चिकित्सकों को यहां ड्यूटी पर वैकल्पिक व्यवस्था का जिम्मा दिया गया है। सौ से अधिक प्रथम श्रेणी कंपाउंडर भी जिम्मा संभालेंगे।
जिले में 97 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और 24 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सहित दोनों जिला स्तरीय अस्पताल बालोतरा व बाड़मेर के 160 से अधिक चिकित्सक प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन के तहत सामूहिक अवकाश की चेतावनी दे चुके हंै। इस संकट में वैकल्पिक इंतजाम को लेकर चिकित्सा विभाग ने आयुष एवं प्रशिक्षुआंे से इंतजाम का प्रबंध किया है। इधर चिकित्सकों ने राज्य सरकार का विरोध करते हुए कहा कि सुनवाई नहीं हो रही है।
रात को ही रवाना हो गए चिकित्सक
कई चिकित्सक रविवार को ही मुख्यालय से गायब हो गए। गुजरात और अन्य स्थानों पर पहुंचे है। चिकित्सकों ने ग्रामीण क्षेत्रों से रवाना होने की जानकारी ग्रामीणों को भी नहीं बताई। राज्य सरकार से वार्ता सकारात्मक होने पर ही चिकित्सकों के लौटने की स्थिति रहेगी।
शिविर किए स्थगित
सोमवार को गिड़ा एवं बालोतरा, 7 को सिवाना एवं कल्याणपुर, 8 को धनाऊ पंचायत समिति में आयोजित होने वाले स्वास्थ्य जांच शिविर को स्थगित किया गया।
प्राइवेट अस्पताल में भी संकट
जिला मुख्यालय सहित अन्य कई जगह प्राइवेट अस्पताल में भी संकट आ गया है। यहां सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक सेवाएं देते हैं। अब रेस्मा लागू होने के कारण छुपना होगा। लिहाजा यहां पर भी सेवाएं नहीं दे पाएंगे। इस स्थिति में निजी अस्पतालों में भी चिकित्सकों का टोटा रहेगा।
वैकल्पिक इंतजाम किए हैं
चिकित्सकों के सामूहिक इस्तीफे और अवकाश की स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए गए है। आयुष चिकित्सकों को ड्यूटी पर लगाया है। प्रशिक्षु भी आएंगे। इसके अलावा सभी अन्य स्टाफ को अलर्ट किया है।- डॉ. कमलेश चौधरी, सीएमएचओ बाड़मेर
तैयारी पूरी है
आयुष के चिकित्सक आए हैं। कंपनियों के चिकित्सक भी है। संकट तो रहेगा लेकिन जो इंतजाम किए है उसके तहत कार्य करेंगे।- डॉ. बी एल मंसूरिया, पीएमओ राजकीय चिकित्सालय
Published on:
6 Nov 2017, 11:29 AM IST
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