
Barmer News
बाड़मेर. प्रदेशभर में चिकित्सकों के सामूहिक अवकाश और हड़ताल पर जाने का सोमवार को जिले में व्यापक असर पड़ा। देर रात तक राज्य सरकार और चिकित्सकों के प्रतिनिधि मंडल के बीच हुई वार्ता को लेकर असमंजस रहा। इधर, सुबह से ही सरकारी अस्पतालों में मरीज पहुंचने शुरू हो गए। अस्पताल समय तक मरीजों की कतारें लग गई, लेकिन चिकित्सक अस्पताल नहीं पहुंचे। इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर लगाए गए चिकित्सकों ने मोर्चा संभाला, लेकिन मरीजों की तादाद के हिसाब से व्यवस्थाएं कम पड़ गईं। इसके बाद मरीजों का लौटना शुरू हो गया और दोपहर में सन्नाटा छाने लगा। ग्रामीण क्षेत्रों में कई अस्पताल सूने नजर आए और तालाबंदी जैसी स्थिति रही।
जिले में चिकित्सकों की हड़ताल के चलते आयुष तथा आयुर्वेद विभाग के 85 चिकित्सकों ने सरकारी अस्पताल पहुंच व्यवस्थाएं संभाली। इस दौरान बीएसएफ और केयर्न के भी 10 चिकित्सक अस्पताल पहुंचे तथा मरीजों का उपचार किया। जिला अस्पताल में पीएमओ भी मरीजों की जांच और उपचार करते नजर आए, लेकिन विशेषज्ञों के अभाव में मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। गनीमत रही कि सोमवार को कोई गंभीर मामला सामने नहीं आया।
ओपीडी में गिरावट
जिला अस्पताल में सुबह से ही आउटडोर व इनडोर में चिकित्सक मरीजों के उपचार में जुट गए। हालांकि आउटडोर में मरीजों की भीड़ लगी रही। एक तो बीमार, ऊपर से भारी भीड़ व सर्दी के चलते मरीजों की हालत खराब हो गई। यहां रोजाना ओपीडी 2 हजार से ज्यादा रहता है, लेकिन सोमवार को 1700 पर आ गया। वहीं दूसरी ओर सैकड़ों मरीज निजी अस्पताल पहुंचे, जिससे निजी अस्पतालों में भीड़ रही।
कंपाउंटर व नर्सेज ने संभाली व्यवस्था
जिला अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों को चिकित्सकों ने रविवार को ही छुट्टी दे दी थी। जबकि सामान्य भर्ती मरीजों के चेकअप के लिए पीएमओ व अन्य चिकित्सक राउण्ड पर रहे। नर्सेज व प्रथम श्रेणी कंपाउंडर ने भी व्यवस्थाएं संभाली। इस दौरान सेवानिवृत्त चिकित्सक भी अस्पताल पहुंचे तथा इमरजेंसी वार्ड का जिम्मा संभाला।
चिकित्सकों के मोबाइल स्विच ऑफ
हड़ताल पर चल रहे चिकित्सकों के बारे में किसी को जानकारी नहीं है। रेस्मा लागू होने के कारण चिकित्सकों के मोबाइल स्विच ऑफ रहे।
न ऑपरेशन, न सोनोग्राफी
चिकित्सकों की हड़ताल का असर नि:शुल्क जांच पर भी पड़ा। इसके चलते सोनोग्राफी सहित कई महत्वपूर्ण जांच नहीं हो पाई। साथ ही छोटे-बड़े ऑपरेशन भी नहीं हो पाए। ऑपरेशन थिएटर पर भी ताले लगे रहे।
फैक्ट फाइल
214 चिकित्सक जिलेभर में रहे सामूहिक अवकाश पर
95 चिकित्सकों ने सोमवार को हड़ताल के चलते संभाली व्यवस्था
40 आयुर्वेद विभाग के चिकित्सकों ने किया उपचार
45 आयुष विभाग के चिकित्सक भी पहुंचे उपचार करने
10 चिकित्सक बीएसएफ और केयर्न के पहुंचे अस्पताल
वैकल्पिक व्यवस्था की
सभी चिकित्सक हड़ताल पर रहे। विभाग ने स्थिति से निपटने के लिए जिलेभर में 85 चिकित्सक वैकल्पिक व्यवस्था पर लगा दिए थे। सबकुछ सामान्य रहा। कोई गंभीर मामला सामने नहीं आया। -डॉ. कमलेश चौधरी, सीएमएचओ, बाड़मेर
संभाली व्यवस्था
चिकित्सकों की हड़ताल से परेशानी तो हुई, लेकिन आयुष व बीएसएफ के चिकित्सकों सहित मैं स्वयं दिनभर ड्यूटी पर रहा। व्यवस्था के अनुसार मरीजों को परेशानी नहीं होने दी।- डॉ. बीएल मंसूरिया, पीएमओ, राजकीय जिला अस्पताल
Published on:
7 Nov 2017, 11:22 AM IST
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