प्रदेश के पशुपालकों के लिए खुशखबरी है। अब पशु बीमार होने पर अस्पताल तक ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था, आने-जाने की दिक्कत से छुटकारा मिल जाएगा। उन्हें बस इतना करना होगा कि वेटनरी मोबाइल वैन के हैल्पलाइन नम्बर पर कॉल करना होगा, जिसके बाद उपचार के लिए पशुचिकित्सा अधिकारी आवश्यक मेडिसिन के साथ पशुपालन के घर पहुंचेगा। शनिवार को भारत सरकार की केन्द्रीय प्रवर्तित योजना अन्तर्गत मोबाइल पशुचिकित्सा सेवा वाहनों को राजधानी में मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखा रवाना किया। इन वैन का संचालन केन्द्र व राज्य सरकार के सहयोग से होगा। प्रदेश में 536 मोबाइल वैन का संचालन होगा। इसके साथ ही पशुपालकों के लिए 1962 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। जहां वेटरनरी हॉस्पिटल की सुविधा मौजूद नहीं है, वहां यह वैन पहुंचेगी। वैन में तीन कर्मचारियों का स्टाफ मौजूद रहेगा, जो पशुओं के इलाज को प्रशिक्षित किए हुए हैं।