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राजस्थानः यहां बोलती है दीवारें, सरकारी स्कूल में प्राइवेट जैसा प्रबंधन, होती है डिजिटल पढ़ाई

धनाऊ पंचायत समिति के राप्रावि जाटा बस्ती मंदिरवाला में स्कूल की बोलती दीवारें बच्चों के शिक्षण और अधिगम में मददगार बनी नजर आती है। अब यहां दाखिला के लिए कई निजी स्कूलों को छोड़कर भी बच्चों के प्रवेश होने लगे हैं।
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बाड़मेर

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kamlesh sharma

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Updated: 9 Jan 2024, 2:26 PM IST

government school in Dhanau barmer

बाड़मेर। धनाऊ पंचायत समिति के राप्रावि जाटा बस्ती मंदिरवाला में स्कूल की बोलती दीवारें बच्चों के शिक्षण और अधिगम में मददगार बनी नजर आती है। अब यहां दाखिला के लिए कई निजी स्कूलों को छोड़कर भी बच्चों के प्रवेश होने लगे हैं।

पुलिस की नौकरी छोड़कर शिक्षक बने पूनमचन्द जाखड़ ने अपनी कर्मस्थली पर कुछ अलग और नया करने का संकल्प लिया। जहां एक तरफ सरकारी विद्यालयों को कम नामांकन के कारण मर्ज किया जा रहा था। वहीं उन्होंने आसपास दो किलोमीटर के दायरे में चार अन्य विद्यालय होते हुए भी मेरा विद्यालय-मेरा गौरव की तर्ज पर अपने संकल्प को फलीभूत करने की ठान ली। उन्होंने सर्वप्रथम ग्रामीणों में विश्वास जगाकर विद्यालय का नामांकन 125 तक पहुंचाया वहीं साथी शिक्षक रेखाराम पावड़ के साथ मिलकर विद्यालय में नवाचार किए।

अधिगम व शिक्षण में दीवारें मददगार- उन्होंने ग्रामीणों से सहयोग और राजकीय अनुदान का कुशलता से सदुपयोग कर नया प्लास्टर, रंग रोगन करवाकर आकर्षक पेंटिंग से सम्पूर्ण शिक्षण अधिगम सामग्री को दीवारों पर भित्ति चित्र बनवाकर आकर्षक बना दिया।अब यहां बोलती दीवारें ही बच्चों के अधिगम और शिक्षण में मददगार बन गई हैं, यहां भित्ति चित्रों में वर्णमाला, अल्फाबेट, सामान्य ज्ञान की जानकारी, राष्ट्रीय व राज्य प्रतीक, संख्या पद्धति, जानवरों के नाम, फल व सब्जियों के नाम, शरीर के अंगों के नाम, दिन व महीनों के नाम, मात्रा ज्ञान, ज्यामितिय आकृतियां, मौलिक अधिकार, संविधान की उद्देशिका, बाल सुरक्षा, शिक्षा से सम्बंधित प्रेरक संदेश सहित बहुत सी ज्ञानवर्धक जानकारियां हिंदी और अंग्रेजी में बनाई है जिसका उपयोग शिक्षण कार्य के दौरान गतिविधि आधारित शिक्षण में किया जाता है।

डिजिटल पढ़ाई
इस विद्यालय में भामाशाहों के सहयोग से 32 इंची स्मार्ट टीवी लगवाई गई है जिससे मिशन ज्ञान व यूट्यूब के शैक्षिक चैनलों के माध्यम से डिजिटल शिक्षण करवाया जाता है।

सुविधाएं निजी विद्यालयों से बेहतर
विद्यालय में स्थानीय दानदाताओं के सहयोग से प्राथमिक विद्यालय में सभी विद्यार्थियों के बैठने के लिए फर्नीचर, विद्युत कनेक्शन, लाईट फिटिंग, पंखे, खिलौना बैंक, स्पोर्ट्स किट, प्रिंटर, पानी की मोटर, कुर्सियां, कैम्पर, ऑफिस टेबल, ग्रीन बोर्ड, अलमारी, इलेक्ट्रॉनिक बैल, सीसीटीवी कैमरे सहित अन्य आवश्यक सामग्री जुटाकर निजी विद्यालयों से बेहतर भौतिक सुविधाएं उपलब्ध है।


मैं खुद ग्रामीण किसान परिवार से हूं। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों में सार्वजनिक शिक्षा के प्रति ललक एवं लगाव पैदा करने तथा शैक्षिक जाग्रति उत्पन्न करने के लिए नवाचारों का प्रयोग कर शिक्षा के प्रति जागरूकता लाना कर्तव्य समझता हूं।
पूनमचन्द जाखड़, संस्था प्रधान

प्रधानाध्यापक के कुशल नेतृत्व में शिक्षकों और ग्रामवासियों के सहयोग से हमारा विद्यालय सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट श्रेणी का एक विशिष्ट विद्यालय है।
पूनमाराम सारण, अध्यक्ष एसएमसी