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जानिए मुगलों के जमाने के वो शब्द, जो आज भी हैं सरकारी रिकॉर्ड के चलन में

सकूनत का अर्थ निवासी। वल्द यानि पिता और चार-पांच सगे भाई के नाम लिखने के बाद अंत में पिसरान लिखने का अर्थ सभी के पिता का एक ही नाम है।
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बाड़मेर

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Kirti Verma

•

Updated: 14 Sep 2023, 2:33 PM IST

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बाड़मेर. सकूनत का अर्थ निवासी। वल्द यानि पिता और चार-पांच सगे भाई के नाम लिखने के बाद अंत में पिसरान लिखने का अर्थ सभी के पिता का एक ही नाम है। खुर्द का मतलब छोटा और कला का मतलब बड़ा... मुगलों के जमाने के ये शब्द राजस्व रिकॉर्ड में अब तक चलन में हैं, जिनके अर्थ सामान्य बोलचाल की भाषा में कठिन हो गए हैं। बदलाव कर नए हिन्दी शब्द तलाशे ही नहीं गए। पुलिस व राजस्व विभाग में ये शब्दावली अटपटी भी लगती है।


यों समझिए उदाहरण
पड़त- बिना जोती गई जमीन

जमाबंदी- राजस्व भूूमि रजिस्टर

ढालबांछ- रोकड़ पंजिका

फर्द- प्रति

गिरदावरी- खेतों का फसल निरीक्षण

वल्द- पिता

हल्का- क्षेत्र

वली- संरक्षक

बेवा- विधवा

सकूनत- निवासी

मुसमात- महिला संबोधन

मुसमी- पुरुष संबोधन

तरमीम- रेखांकन

खुर्द- छोटा

कलां- बड़ा

करारनामा- सहमति

देह- स्थानीय

सदर- मुख्य

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लकीर के फकीर
मुगलकाल में उर्दू का चलन अधिक रहा। राजस्व व पुुलिस के दस्तावेजों में यह शब्दावली आजादी के बाद भी चलती रही। इसे बदलने व नए शब्द तलाशने का प्रयास भी नहीं हुए। आज का जमाना हिन्दी और अंग्रेजी का है और कंप्यूटरीकृत रिकॉर्ड तैयार हो गया है लेकिन अभी भी लकीर की फकीरी नहीं टूट रही है।

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