
mid day meal
बाड़मेर. सरकारी रसोईघर (मिड-डे-मील ) चलाने वाले कुक कम हेल्पर को अब हर माह एक सौ बीस रुपए का फायदा होगा, जबकि शिक्षाकर्मी भी बढ़ा हुआ मानदेय पाएंगे। मुख्यमंत्री की बजट घोषणा की पालना को लेकर विभागीय आदेश जारी हुए हैं। हालांकि बढ़ा हुआ मानदेय एक जुलाई से लागू होगा। गौरतलब है कि कुक कम हेल्पर लम्बे समय से अल्प मानदेय पर काम कर रहे हैं जबकि शिक्षाकर्मियों को भी लम्बे समय से वेतन बढऩे का इंतजार था। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में कक्षा पहली से आठवीं तक पढऩे वाले विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन स्कूल में मिलता है। इसको लेकर मिड डे मील योजना संचालित हो रही है। योजना के तहत रसाई बनाने का कार्य कुक कम हेल्प करते हैं, जिनमें से अधिकांश महिलाएं हैं। इनको वर्तमान में बारह सौ रुपए प्रति माह देय है। यह राशि कम होने से लम्बे से मानदेय बढ़ाने की मांग की जा रही थी, अब सरकार ने मानदेय बढ़ाया है। इसके तहत अब दस फीसदी राशि की बढ़ोतरी की गई है। एेसे में अब कुक कम हेल्पर को बारह सौ की जगह तेरह सौ बीस रुपए मिलेंगे। जिले में करीब छह हजार कुक कम हेल्पर का बढ़ा मानदेय मिलेगा।
शिक्षाकर्मियों को भी फायदा- शिक्षाकर्मियों को भी बढ़े मानदेय का फायदा 1 जुलाई से मिलेगा। वरिष्ठतम शिक्षाकर्मियों को 15429 की जगह 16972, वरिष्ठ शिक्षाकर्मियों को 13366 की जगह 14703 व सामान्य शिक्षाकर्मियों को 8470 की जगह 9317 रुपए मिलेंगे। जिले में करीब सात सौ शिक्षाकर्मी हैं, जो अब बढ़ा हुआ मानदेय पाएंगे।
लम्बे समय से मांग- शिक्षाकर्मियों व कुक कम हेल्पर का मानदेय बढ़ाने की लम्बे समय से मांग कर रहे थे। अब आदेश आने से फायदा मिलेगा। मानदेय ज्यादा बढ़ाने की जरूरत है।- खुदाबक्स खलीफा, शिक्षक नेता
कुक कम हेल्पर का मानदेय और बढ़े- बढ़ती महंगाई के बीच कुक कम हेल्पर का काम करने वाली महिलाओं का मानदेय कम है। अब मानदेय बढ़ाया, लेकिन नाकाफी है। सरकार और मानदेय बढ़ा राहत दें।- शेरसिंह भूरटिया, शिक्षक नेता
Published on:
29 Mar 2018 11:54 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
