
बालोतरा.अजीत रेलवे स्टेशन पर उगी बबूल की झाडिय़ां।
बाड़मेर. रेलवे भले ही यात्रियों को बेहतर सुविधा देने का दावा करे, लेकिन बाड़मेर जिले के कई रेलवे स्टेशन एेसे हैं, जहां तक पहुंचना भी मुश्किल काम है। इन स्टेशन पर बबूल की झाडि़यां होने से कांटों भरी राह के बीच से गुजरना होता है। इतना ही नहीं प्लेटफार्म से रेल कोच के बीच इतनी ऊंचाई रहती है कि हर रोज कोई न कोई यात्री रेल से उतरते या चढ़ते वक्त हादसे का शिकार होता है। बात यहीं पर खत्म नहीं होती। प्लेटफार्म भी ग्रेवल व कंकरीट से बने होने व डामरीकरण नहीं होने से चलते वक्त फिसलने का डर सताता है। एेसे में रेल तक सकुशल पहुंचना यात्री के लिए किसी खतरे से कम नहीं है।
वर्षों पूर्व प्लेटफार्म बने रेलवे स्टेशनों के प्लेटफार्म टूटे- बिखरे हुए हैं। साथ ही रेलवे ने वर्षों पुराने यात्री प्लेटफार्मों का विस्तार नहीं किया। वहीं प्लेटफार्म पर डामरीकरण नहीं करने से ग्रेवल पर वर्षा के दिनों में झाडिय़ां उग गई हैं। रेलवे स्टेशन अजीत, जानियाना सहित जगह यह स्थिति देखी जा सकती है। ऐसे में रेलवे स्टेशन पर रेलगाडिय़ों के मिलान के समय प्लेटफार्म के आगे की भाग में इनके खड़े रहने पर इनमें सवार व उतरने वाले यात्रियों को परेशानियां उठानी पड़ती हैं। विशेषकर रात्रि के अंधेरे में पैर फिसलने पर कई जने गिरते हंै। इसके अलावा झाडिय़ों की चपेट में आकर चोटिल होते हैं। ऐसे में लंबे समय से यात्री प्लेटफार्मों के डामरीकरण व विस्तार के साथ उगी कंटीली झाडिय़ों के हटाने की जरूरत महसूस कर रहे हैं, लेकिन रेल अधिकारी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हंै।
परेशानी हो रही-
रेलमार्ग के कई रेलवे स्टेशनों के प्लेटफार्मों की स्थिति सही नहीं है। ग्रेवल डाल डामरीकरण नहीं किया गया। इस पर यात्रा दौरान अधिक परेशानियां उठानी पड़ती है। - भल्लाराम दर्जी
बबूल की झाडि़यों से परेशानी-
जोधपुर- बाड़मेर रेलमार्ग के कईअधूरे प्लेटफार्मों पर बबूल की झाडिय़ां उग आई हंै। इस पर रात्रि सफर में परेशानी होती है। रेलवे यात्रियों को अच्छी सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए इन्हें हटवाएं। - नरेन्द्रसिंह
Updated on:
13 Nov 2017, 5:39 PM IST
Published on:
13 Nov 2017, 5:29 PM IST
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