रोडमैप ही नहीं बना: बाड़मेर को दुबई बनाने के लिए रोडमैप ही नहीं बनाया गया है। 2003 से 2023 के सफर में बीस वर्ष बीत गए हैै। बीस वर्ष में बाड़मेर जिले में जहां तेल, कोयला, गैस और अन्य उत्पादन हो रहे है वहां गांवों की तस्वीरों में फर्क उतना ही नजर आता है जितना अन्य गांवों में। उदाहरणार्थ सेड़वा,धनाऊ जो चौहटन के गांव है जहां तेल-गैस-कोयला नहीं है वहां की रंगत इतनी बदली है कि देखने वाला दंग रह जाए। लेकिन ऐसी रंगत भादरेस, लीलाळा, सांभरा में नजर नहीं आ रही है।