शिक्षकों की कमी से गड़बड़ाया आंकड़ा- जानकारों के अनुसार सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के चलते नामांकन का आंकड़ा गड़बड़ा गया है। एक तरफ जो विद्यालय पिछले दो सत्र में क्रमोन्नत हुए हैं, वहां पद स्वीकृत ही नहीं है। वहीं, स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा नहीं होने से बच्चों के अनुपात में शिक्षक पद स्वीकृत नहीं हो रहे। इधर, डीपीसी भी अटकी हुई है जिसका असर भी नजर आ रहा है क्योंकि व्याख्याता, वरिष्ठ अध्यापक पदों पर क्रमोन्नति नहीं हो रही।