8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एशिया महाद्वीप के 30 युवा इंजीनियर में बालोतरा का पलाश

अमेरिकी मैगजीन फोर्ब्स की ओर से तकनीकी क्षेत्र में एशिया महाद्वीप 30 प्रतिभावन युवा इंजीनियरों की जारी सूची में बालोतरा के एक मेधावी युवा को शामिल किया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बाड़मेर

•

image

Nupur Sharma

•

Updated: 21 May 2023, 7:00 PM IST

photo_2023-05-22_12-06-46.jpg

अमेरिकी मैगजीन फोर्ब्स की ओर से तकनीकी क्षेत्र में एशिया महाद्वीप 30 प्रतिभावन युवा इंजीनियरों की जारी सूची में बालोतरा के एक मेधावी युवा को शामिल किया है। बालोतरा के वस्त्र उद्यमी नरेंद्र गोलेछा के बेटे पलाश गोलेच्छा ने मात्र 26 वर्ष की उम्र में यह उपलिब्ध हासिल की है। पलाश बालोतरा के गुरुकुल इंग्लिश मीडियम स्कूल में कक्षा 6 तक अध्ययन करने के बाद जोधपुर गया।

वहां डीपीएस में 12वीं तक पढ़ाई की। 98 प्रतिशत से दसवीं व 94 प्रतिशत से विज्ञान में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद वीआईटी वेल्लूर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। कुछ महीने बेंगलुरु में एक कंपनी में काम कर अपने साथी अभिषेक कनकानी, कुशाग्र वैष्व के साथ मिलकर कोविड-2020 सितंबर में डाइट टेक्नॉलजी प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई, जो ऑडियो-वीडियो कॉलिंग का काम करती है। इनके अच्छे काम से प्रभावित होकर कुछ समय बाद अमरीकी की कंपनी नेक्सस वेंचर, सिकोया केपिटल ने इनकी कंपनी में 26 करोड़ रुपए निवेश किए। कंपनी के अच्छे काम, सेवाओं पर कुछ समय बाद अमरीका की इन दोनों कंपनियों सहित भारत की अनबॉउंड ने इनकी कंपनी में निवेश किया। इन कंपनियों ने 100 करोड़ का निवेश किया।


यह भी पढ़ें : कल से पर्यटकों के लिए जंगल सफारी शुरू, बीड़ में काला हिरण और चिंकारा का टूरिस्ट कर सकेंगे दीदार

18 मई को जारी हुई सूची
अब फोर्ब्स ने 18 मई को एशिया महाद्वीप में इंटरप्राइज टेक्नोलॉजी क्षेत्र में 30 वर्ष तक आयु के अच्छा काम करने वाले 30 युवाओं में पलाश को चुना। गोलेच्छा ने पूरे देश के साथ बालोतरा का नाम रोशन किया है।


यह भी पढ़ें : कांग्रेस मंत्री के भाजपा में शामिल होते ही अरुण सिंह ने साधा गहलोत सरकार पर निशाना

कुछ हटकर करने की चाह ने दिलाई उपलब्ध
पलाश गोलेच्छा का कहना है कि स्कूली शिक्षा के समय कंप्यूटर शिक्षा के प्रति मेरा जुनून था। कुछ महीने काम करने के बाद कुछ हटकर करने की चाह में मित्रों के साथ कंपनी बनाई। कम उम्र में इतनी उपलब्धि हासिल होने को लेकर उम्मीद नहीं थी। कंप्यूटर क्षेत्र में पूरे विश्व में भारत सबसे आगे हों, इसे लेकर दिन-रात जुटे हुए हैं।