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कल से झुंझुनू में जंगल सफारी शुरू, दीदार कर सकेंगे देश विदेश के पर्यटक..

विभिन्न प्रजातियों के पक्षी-पक्षियों का कलरव सुनने तथा वन्य जीवों का विचरण, काले हिरण और चिंकाराओं के कुलांचे नजदीक से देखने में महज एक दिन शेष बचा है।
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झुंझुनू

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Nupur Sharma

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Updated: 21 May 2023, 4:52 PM IST

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विभिन्न प्रजातियों के पक्षी-पक्षियों का कलरव सुनने तथा वन्य जीवों का विचरण, काले हिरण और चिंकाराओं के कुलांचे नजदीक से देखने में महज एक दिन शेष बचा है। सोमवार से पर्यटक व आमजन बीड़ कंजर्वेशन क्षेत्र में जंगल सफारी का लुत्फ उठा सकेंगे।

दो पारियों में शुरू होने जा रही जंगल सफारी के लिए प्रति पारी प्रति पर्यटक को 445 रुपए ऑनलाइन टिकट का भुगतान करना होगा। शुरुआत में सफारी के लिए तीन पर्यटक वाहन (जिप्सी) का पंजीकरण दो पारियों सुबह और शाम के लिए किया गया है।

क्या-क्या देख सकेंगे पर्यटक
1047.48 हैक्टेयर में फैले बीड़ क्षेत्र में पर्यटक विभिन्न प्रजातियों के पक्षी, लोमड़ी, सियार, नीलगाय समेत अन्य वन्यजीव हैं। यहां पर सबसे ज्यादा देखने लायक हैं काले हिरण व चिंकारा हैं। बीकानेर जंतुआलय से बीड़ में 48 काले हिरण व 12 चिंकारा छोड़े गए थे। अब इनके बच्चे होने के पश्चात इनकी संख्या 70 के करीब हो चुकी है। इन वन्यजीवों के लिए जाळ, बेर, कैर, देशी बबूल व धामण घास प्रचूर मात्रा में उपलब्ध है। पीने के पानी के लिए इस क्षेत्र में वॉटर हॉल, तलाइयां, गजलर आदि बनाए गए हैं।

2012 में घोषित हुआ था बीड़ रिजर्वेशन कंजर्व
राष्ट्रीय राजमार्ग 11 पर दोनों तरफ बीड़ को नौ मार्च 2012 को रिजर्वेशन कंजर्व घोषित किया गया था। इसके बाद से ही इसे पर्यटन के तौर पर विकसित करने का कार्य वन विभाग की ओर से शुरू कर दिया गया।


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यहां पर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र के चारों तरफ पक्की दीवार निर्माण/चैनलिंग फैंसिंग, वन चौकी, वन्य जीवों के लिए पानी की उपलब्धता के लिए जल संरचनाओं का निर्माण, ग्रासलैंड, चारे वाली प्रजातियां के पौधे लगाना, इको एनवायरमेंट सेंटर, वॉच टॉवर, व्यू प्वाइंटस, साइन बोर्ड, इको ट्रैल्स, पुरानी बावड़ी का रिनोवेशन, पानी की सुविधा के लिए सोलर पंप व पाइप लाइन का कार्य, धामण घास का बीजारोपण, प्रवेश द्वार, नर्सरी विकसित की गई।

सफारी संचालन की कब मिली स्वीकृति
वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो एक नवंबर 2022 को बीड़ कंजर्वेशन रिजर्व में पयर्टक सफारी के संचालन के लिए स्वीकृति मिली थी। सफारी संचालन शुरू करने के लिए पर्यटनों की वाहन क्षमता केरिंग केपेसिटी 14 वाहनों प्रतिदिन यानि सात वाहन प्रति पारी है। वर्तमान में जंगल सफारी के लिए तीन पर्यटक वाहनों जिप्सी का पंजीकरण दो पारियों सुबह और शाम के लिए किया गया है।


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कब-कब कौनसा रहेगा सफारी का समय
-एक अप्रेल से 30 जून तक सुबह छह से आठ बजे तक एवं शाम को पांच से शाम सात बजे तक
-एक जुलाई से 30 सितंबर तक बरसात के कारण सफारी बंद रहेगी।
-एक अक्टूबर से 31 जनवरी तक सुबह सात से नौ बजे तक एवं शाम को चार से छह बजे तक।
-एक फरवरी से 31 मार्च तक सुबह साढ़े छह से साढ़े आठ बजे तक एवं शाम साढ़े चार से साढ़े छह बजे तक


सोमवार से बीड़ में जंगल सफारी की शुरुआत की जा रही है। यह दो पारियों में शुरू होगी। इसके लिए प्रति पारी प्रति पर्यटक 445 रुपए की टिकट देनी होगी। टिकट ऑनलाइन बुकिंग होगी। सफारी शुरू होने से लोगों को भी रोजगार मिलेगा।- आरके हुड्डा, डीएफओ वन विभाग (झुंझुनूं)