एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर, गुर्दा रोग विशेषज्ञ, डॉ. धनंजय अग्रवाल ने मामले पर कहा कि जिला स्तर पर भी इसके लिए सुविधाएं विकसित होनी चाहिए। एसएमएस में हर साल 8 से 10 कैडेवरिक किडनी ट्रांसप्लांट किए जा रहे हैं। यही गति रही तो सभी मरीजों के ट्रांसप्लांट करने में करीब 25 साल लग जाएंगे, जो गंभीर बीमारी के मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।