काफूर हुई शादी की खुशियां
गांव बाबूराम जाट शादी की तैयारियां चल रही थी और कुछ मेहमान भी आए हुए थे। एकाएक भीषण आग व धमाकों की आवाजों से शादी की खुशियां काफूर हो गई। बेटी की शादी के लिए लाए गए गहने, नकदी, कपड़े, दहेज का सामान जल कर राख हो गया। बेटी के पिता ने कई वर्षों तक पसीने की कमाई से बेटी के हाथ पीले करने का सपना संजोया था, जो महज शादी से दो दिन पहले ही आग में धूमिल हो गया।